निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा बलों पर अत्यधिक और घातक बल प्रयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 48 घंटों में कम से कम 2,000 लोगों की मौत का दावा किया गया है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, देश में व्यापक इंटरनेट बंदी के कारण इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो पाई है।
शवों के वीडियो से मची सनसनी
तेहरान के दक्षिणी इलाके कहरीजाक से सामने आए फुटेज में कई शवों को बॉडी बैग में रखा हुआ देखा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटनास्थल और पास के औद्योगिक शेड में दर्जनों शव मौजूद थे। इसी तरह पूर्वी तेहरान के फर्दिस, कराज और अलघदिर अस्पतालों से आए वीडियो में अस्पताल परिसरों में जमीन पर शव पड़े दिखाई दे रहे हैं, जो हालात की गंभीरता को दर्शाते हैं।
Islamic Republic security forces firing on Iranian protesters during January 2026 protests#IranProtests pic.twitter.com/ROqSKlP6Lw
— حافظه تاریخی (@hafezeh_tarikhi) January 10, 2026
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अस्पतालों पर दबाव, हिंसा कई प्रांतों तक फैली
सूत्रों के अनुसार, उत्तरी शहर रश्त के एक डॉक्टर ने बताया कि उनके अस्पताल में ही 70 से अधिक शव लाए गए। कराज, फर्दिस और तेहरान के अलावा पश्चिमी प्रांत इलम और करमानशाह से भी हिंसा की खबरें सामने आई हैं। इससे संकेत मिलता है कि घटनाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में फैली हुई हैं।
इंटरनेट बंदी के बीच सीमित सूचनाएं
8 जनवरी से लागू इंटरनेट शटडाउन के कारण ईरान से जानकारी मिलना बेहद कठिन हो गया है। इसके बावजूद, स्टारलिंक और कुछ वैकल्पिक चैनलों के माध्यम से वीडियो और संदेश बाहर पहुंच रहे हैं, जो हालात की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं।
खामेनेई का सख्त संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने हिंसक प्रदर्शनों के बाद दिए अपने भाषण में आंदोलन के पीछे “विदेशी ताकतों” का हाथ बताया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।











