International Marriages : नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरराष्ट्रीय विवाह से जुड़े जटिल और असामान्य कस्टडी विवाद में केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह एक रूसी महिला और उसके बच्चे का पता लगाए, जो कथित रूप से पिछले दो महीनों से गायब हैं। कोर्ट ने महिला के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से लेकर बंदरगाहों तक निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। मामला एक भारतीय नागरिक सैकत बसु द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी विक्टोरिया बसु पर देश की जासूसी करने का संदेह जताया है।
कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि महिला किसी भी स्थिति में देश से बाहर नहीं जानी चाहिए। कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे महिला और बच्चे को ढूंढ़कर बच्चे को पिता सैकत बसु को सौंपें। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स की CCTV फुटेज संरक्षित की जाए और कस्टम अधिकारियों को सतर्क किया जाए।
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क्या है मामला?
सैकत बसु एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जो चीन में कार्यरत थे। वहीं उनकी मुलाकात रूसी नागरिक विक्टोरिया से हुई और दोनों ने 2017 में भारत आकर विवाह किया। 2020 में उनके एक बेटे का जन्म हुआ। बाद में दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और मामला दिल्ली की फैमिली कोर्ट तक पहुंच गया।
कस्टडी समझौते के तहत बच्चा सप्ताह में तीन दिन मां के पास और बाकी दिन पिता के पास रहता था। 22 मई को महिला को तीन दिन के लिए बच्चे की कस्टडी दी गई थी, लेकिन उसके बाद वह दोनों गायब हो गए। 7 जुलाई के बाद से महिला का कोई पता नहीं है और उसका फोन भी बंद है।
जासूसी का शक क्यों?
सैकत के परिवार को संदेह है कि विक्टोरिया भारत में रहते हुए जासूसी गतिविधियों में लिप्त रही है। सैकत के पिता नौसेना में अधिकारी रहे हैं, जबकि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी के पूर्व अधिकारी बताए जाते हैं। आरोप है कि विक्टोरिया अक्सर अपने पति को फोर्ट विलियम (कोलकाता स्थित सेना की पूर्वी कमान मुख्यालय) घूमने ले चलने के लिए दबाव डालती थी। सैकत का दावा है कि महिला का रूस लौटने का मकसद भारत से गोपनीय सूचनाएं एकत्र करना हो सकता है।
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रूसी दूतावास और प्रेम संबंधों के आरोप
सैकत ने कोर्ट को यह भी बताया कि 4 जुलाई को विक्टोरिया को एक रूसी राजनयिक के साथ दूतावास में पिछले दरवाजे से प्रवेश करते देखा गया। उन्हें संदेह है कि महिला का उस राजनयिक के साथ संबंध है और वह रूस की मदद से देश छोड़ने की योजना बना रही थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
कोर्ट ने रूसी दूतावास को इस मामले में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है और ऐसा न करने की स्थिति में कानूनी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। कोर्ट ने शुक्रवार (18 जुलाई) तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही विक्टोरिया के वकील के ‘संदिग्ध व्यवहार’ पर भी सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने कहा, “आपको लगता है आप हमसे यह खेल खेल सकते हैं? हम वकीलों को भी नहीं छोड़ेंगे।”











