Interest Rate Cuts : नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने एक बार फिर एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में कटौती की है। यह कटौती 15 जुलाई 2025 से प्रभावी हो चुकी है। अब SBI की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 3.05 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 6.45 प्रतिशत तक ही ब्याज मिलेगा। गौरतलब है कि यह लगातार तीसरा महीना है जब SBI ने ब्याज दरों में कटौती की है। इससे पहले मई और जून में भी बैंक ने एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में कमी की थी। इससे उन निवेशकों को झटका लगा है जो सुरक्षित और सुनिश्चित आय के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को प्राथमिकता देते हैं।
किन योजनाओं पर असर पड़ा है
यह कटौती सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर लागू की गई है। हालांकि, SBI की कुछ विशेष टर्म डिपॉजिट योजनाएं इस कटौती से अप्रभावित हैं। खासकर दो योजनाएं ‘अमृत वृष्टि’ और ‘वीकेयर’ में पहले जैसी ही ब्याज दरें मिलती रहेंगी।
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अमृत वृष्टि एफडी योजना में कोई बदलाव नहीं
444 दिनों की ‘अमृत वृष्टि’ स्पेशल एफडी योजना में अभी भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके तहत – सामान्य नागरिकों को 6.60 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा। वरिष्ठ नागरिकों को 7.10 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
वीकेयर योजना में वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त लाभ
60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए SBI की ‘वीकेयर’ योजना एक बेहतर विकल्प है। इस योजना में 5 साल या उससे अधिक अवधि की एफडी पर उन्हें सामान्य दर से 1 प्रतिशत ज्यादा ब्याज मिलता है। यानी: वरिष्ठ नागरिकों को कुल 7.05 प्रतिशत सालाना ब्याज का लाभ मिलेगा।
FD में निवेश करने से पहले जान लें ये 5 बातें
- निश्चित ब्याज दर की गारंटी: एफडी की ब्याज दर पहले से तय होती है, इसलिए बाजार के उतार-चढ़ाव का असर आपकी कमाई पर नहीं पड़ता।
- फ्लेक्सिबल निवेश अवधि: आप एफडी में 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं।
- सुरक्षित निवेश विकल्प: एफडी पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा मिलती है।
- आवश्यकता पड़ने पर निकासी संभव: जरूरत पड़ने पर आप एफडी को समय से पहले तोड़ सकते हैं, हालांकि इसमें ब्याज कम मिल सकता है या पेनल्टी लग सकती है।
- टैक्स बचत का विकल्प: 5 साल की टैक्स-सेविंग एफडी में सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि लगातार हो रही ब्याज दरों की कटौती उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है जो रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय की उम्मीद रखते हैं। हालांकि, बैंक की विशेष योजनाएं जैसे ‘अमृत वृष्टि’ और ‘वीकेयर’ अब भी बेहतर रिटर्न देने वाले विकल्प बने हुए हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
यदि आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो SBI की नई ब्याज दरों को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। वरिष्ठ नागरिकों को अभी भी बेहतर रिटर्न मिल रहा है, जबकि आम निवेशकों को पहले की तुलना में कम ब्याज से संतोष करना पड़ सकता है। ऐसे में दीर्घकालिक और रणनीतिक निवेश योजना बनाना जरूरी हो गया है।









