Indore Water Tragedy 2026 : शाजापुर/इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई 23 लोगों की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शाजापुर पहुंचे पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस त्रासदी को लेकर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर महापौर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इंदौर के भाजपा जनप्रतिनिधियों की तुलना ‘यमदूत’ से करते हुए दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
“जनता ने देवदूत चुना, वो यमदूत निकले” पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इंदौर की जनता ने भाजपा के 9 विधायकों, सांसद और महापौर को इस उम्मीद में चुना था कि वे ‘देवदूत’ बनकर सेवा करेंगे, लेकिन वे ‘यमदूत’ साबित हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में ‘डबल-ट्रिपल इंजन’ की सरकार होने के बावजूद इंदौर जैसे शहर में लोग गंदा पानी पीने से मर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी भागीरथपुरा में टैंकरों के जरिए गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है और डर के मारे लोग पलायन कर रहे हैं।
दोषी अधिकारियों पर हो हत्या का मुकदमा: वर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ एक अधिकारी का ट्रांसफर कर देना क्या 23 मौतों का इंसाफ है? उन्होंने मांग की कि पूर्व कमिश्नर, वर्तमान कमिश्नर और पेयजल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के डीएनए में न्याय करना नहीं है, इसलिए वे दोषियों को बचा रहे हैं।
एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग: कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पर सीधा निशाना साधते हुए सज्जन वर्मा ने कहा, “आप लोगों ने बहुत पैसा कमाया है, अब अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दें और प्रभावित क्षेत्र के हर घर में एक RO फिल्टर लगवाएं ताकि लोगों को शुद्ध जल मिल सके।” उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ मानवता की सेवा के लिए है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।
स्थान: शाजापुर (म.प्र.) रिपोर्टर: किशोर नाथ राजगुरु











