Indore News : इंदौर : इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक वरिष्ठ नागरिक की शिकायत पर डिजिटल अरेस्ट और ठगी का मामला दर्ज किया है। जिसमें उन्हें कई घंटों तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा गया और सीबीआई का अधिकारी बनकर लाखों की ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
Indore News : दरअसल पीड़ित के पास सबसे पहले टेलीकॉम विभाग का कर्मचारी बनकर एक कॉल आया, जिसमें दावा किया गया कि उनके आधार कार्ड पर जारी एक सिम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद पीड़ित को डराने के लिए मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई और उनकी मदद करने के बहाने फर्जी पुलिस अधिकारियों से संपर्क कराया गया।
Indore News : खुद को इंस्पेक्टर और सीबीआई का डीसीपी बताकर जालसाजों ने पीड़ित पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए और जांच के नाम पर उनके बैंक खाते की पूरी रकम वेरिफिकेशन के लिए ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद 48 से 72 घंटों में उनकी रकम वापस कर दी जाएगी।
Indore News : इस झांसे में आकर पीड़ित महिला ने अलग-अलग तारीखों में तीन बार में लगभग साढ़े 17 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब कुछ दिनों बाद संपर्क करने की कोशिश की गई तो सभी नंबर बंद मिले, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच शुरू कर दी है।











