Indore Latest News : इंदौर : इंदौर पुलिस में ब्लैकमेलिंग और वसूली के गंभीर मामले में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। एक कारोबारी को झूठे हनी ट्रैप केस में फंसाने की धमकी देकर ₹65 लाख वसूलने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) अजय वर्मा को पदोन्नत से हटाकर (डिमोट) उप-निरीक्षक (SI) बना दिया गया है। उन पर अपने मातहतों पर नियंत्रण न रखने का आरोप था।
Indore Latest News : एएसआई भी 5 साल के लिए बना सिपाही
इस मामले में एक अन्य पुलिसकर्मी, एएसआई धीरज शर्मा, को भी डिमोट किया गया है। धीरज शर्मा को अगले 5 साल के लिए सीधे सिपाही (Constable) बना दिया गया है।
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क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2022 का है, जब एमआईजी थाने में एक ब्लैकमेलर महिला का आवेदन आया था। महिला ने एक व्यापारी पर झूठे आरोप लगाए थे। आरोप है कि इसी झूठी शिकायत का फायदा उठाकर एमआईजी थाने के कुछ कर्मियों ने व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसाने की धमकी दी और उससे 65 लाख रुपये की बड़ी रकम वसूल ली थी।
जांच में यह पाया गया कि टीआई अजय वर्मा अपने थाने के स्टाफ की हरकतों पर नियंत्रण रखने में विफल रहे, जिसके चलते यह वसूली संभव हुई। मामले की आंतरिक जांच के बाद पुलिस विभाग ने यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस केस में शामिल एक सिपाही को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
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पुलिस विभाग की यह कार्रवाई संदेश देती है कि भ्रष्टाचार और वसूली में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।













