Global Agriculture: इंदौर। भारत की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित 16वीं BRICS कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक कई ऐतिहासिक फैसलों और साझा संकल्पों के साथ संपन्न हुई। 9 से 13 जून तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के साथ सहयोगी देशों के कृषि मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, सतत कृषि विकास, कृषि व्यापार को मजबूत बनाने और किसानों के कल्याण के लिए साझा रणनीति तैयार करना था।
Global Agriculture: सम्मेलन के समापन पर सर्वसम्मति से “इंदौर डिक्लेरेशन” को स्वीकार किया गया, जिसे वैश्विक कृषि सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस घोषणा पत्र में किसानों को केंद्र में रखते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, कृषि निवेश को बढ़ावा देने, नवाचार आधारित खेती को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
100 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
Global Agriculture:केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों और सहयोगी देशों के लगभग 60 विदेशी प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग, कृषि व्यापार के विस्तार और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने बनेगा विशेष नेटवर्क
Global Agriculture: बैठक में BRICS नेटवर्क ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रोइकोलॉजी एंड रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके तहत प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, मिट्टी संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देशों के बीच शोध और तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा। भारत प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने अनुभव BRICS देशों के साथ साझा करेगा।
डिजिटल कृषि को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
Global Agriculture: कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए BRICS नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर बनाने की घोषणा भी की गई। इस नेटवर्क के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा आधारित कृषि समाधान, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों तक तकनीक आधारित सुविधाएं पहुंचाकर उत्पादकता बढ़ाना है।
पारंपरिक बीजों और जैव विविधता के संरक्षण पर जोर
Global Agriculture: सम्मेलन में किसानों के अधिकारों और पारंपरिक कृषि विरासत को सुरक्षित रखने के लिए ग्लोबल फोरम ऑन फार्मर्स राइट्स इन सीड सिस्टम की स्थापना पर सहमति बनी। यह मंच पारंपरिक बीजों के संरक्षण, स्थानीय कृषि ज्ञान के आदान-प्रदान और जैव विविधता को सुरक्षित रखने की दिशा में काम करेगा।
छोटे किसानों और महिलाओं की भूमिका पर विशेष फोकस
Global Agriculture: बैठक में छोटे एवं सीमांत किसानों, महिला कृषकों और युवाओं की कृषि क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, खाद्यान्न की बर्बादी रोकने और कृषि अनुसंधान को सीधे खेतों तक पहुंचाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
दुनिया की कृषि नीतियों पर पड़ेगा असर
Global Agriculture: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि BRICS देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और करीब 45 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन है। ऐसे में इंदौर में लिए गए फैसले आने वाले समय में वैश्विक कृषि नीतियों को नई दिशा देने का काम करेंगे।
Global Agriculture: उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि दुनिया भर के किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने और कृषि क्षेत्र में साझा विकास की नई संभावनाएं तलाशने का मंच साबित हुआ है।
इंदौर की मेहमाननवाजी की हुई सराहना
Global Agriculture: शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर की स्वच्छता, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और मालवा की मेहमाननवाजी की सराहना करते हुए कहा कि विदेशी प्रतिनिधि शहर की संस्कृति, राजवाड़ा और 56 दुकान की पहचान से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने सफल आयोजन के लिए मध्यप्रदेश सरकार, संबंधित विभागों और इंदौरवासियों का आभार व्यक्त किया।
Global Agriculture: इंदौर में संपन्न यह सम्मेलन केवल एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं रहा, बल्कि वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ विकास के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार करने वाला ऐतिहासिक मंच बनकर उभरा है।









