NHM Employees: रायपुर महासम्मेलन में एनएचएम कर्मियों की बल्ले-बल्ले: सीएम साय ने किया हड़ताल अवधि का वेतन देने का ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री ने दी 27% वेतन वृद्धि की सौगात

VIKASH KHALKHO

NHM Employees: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत हजारों संविदा और स्वास्थ्य कर्मचारियों के हित में एक बेहद ऐतिहासिक और संवेनदशील फैसला लिया है। राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित इनडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के विशाल प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने शिरकत की। इस गरिमामयी मंच से मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि पूर्व में की गई 33 दिनों की लंबी हड़ताल अवधि के दौरान का रुका हुआ वेतन कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, स्वास्थ्य मंत्री ने भी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करते हुए 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, नई ट्रांसफर नीति और भारी-भरकम बीमा सुरक्षा कवच लागू करने समेत कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिसका पूरे स्टेडियम में मौजूद कर्मचारियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

वेतन वृद्धि के साथ मिलेगा 30 दिनों का मेडिकल अवकाश और सुगम ट्रांसफर नीति

महासम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने विभागीय और संगठनात्मक स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुधारों की झड़ी लगा दी। उन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि एनएचएम कर्मचारियों के लिए 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारियों की सामाजिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अब उन्हें प्रतिवर्ष 30 दिनों का सवैतनिक मेडिकल अवकाश (चिकित्सा अवकाश) स्वीकृत किया जाएगा। कर्मचारियों की सबसे बड़ी ट्रांसफर संबंधी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग में एक पारदर्शी और सुगम ‘ट्रांसफर नीति’ भी लागू कर दी गई है। ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर करने के लिए शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जबकि कार्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने हेतु दावा-आपत्ति का नया प्रावधान जोड़ा गया है।

निधन पर 1.40 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बीमा और बच्चों की शिक्षा के लिए 5 लाख

स्वास्थ्य मंत्री ने एनएचएम परिवार के कल्याण के लिए देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मचारियों को एक मजबूत बीमा सुरक्षा घेरे में लाया गया है। यदि सेवाकाल के दौरान किसी भी कर्मचारी का असामयिक निधन हो जाता है, तो आश्रित परिवार को संबल देने के लिए 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की विशाल वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा में कोई बाधा न आए, इसके लिए सरकार द्वारा 5-5 लाख रुपये तक की विशेष वित्तीय व्यवस्था की जा रही है। श्री जायसवाल ने दावा किया कि बीते कुछ वर्षों के भीतर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में ढाई गुना से अधिक का उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसका श्रेय अग्रिम पंक्ति के इन स्वास्थ्य योद्धाओं को जाता है।

कोरोना काल और बस्तर के वनांचलों में एनएचएम कर्मियों की सेवाएं अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री

सम्मेलन को मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एनएचएम कर्मियों के सेवाभाव और अटूट हौसले की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ और देश कोरोना महामारी के उस भयावह और विषम दौर को कभी नहीं भूल सकता, जब अपनी जान जोखिम में डालकर इन कर्मचारियों ने मानवता की रक्षा की थी। उन्होंने आगे कहा कि एक समय था जब बस्तर के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों का कड़ा कब्जा था, जहां कोई भी सरकारी अमला या डॉक्टर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। लेकिन आज हमारी सरकार के प्रयासों से बस्तर तेजी से नक्सल मुक्त हो रहा है और वहां के अंदरूनी गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं तीव्र गति से पहुंच रही हैं, जिसमें हमारे एनएचएम कर्मियों की भूमिका अग्रणी है।

सरकार कर्मचारियों के साथ खड़ी है, अब दोगुनी ऊर्जा से करें काम

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हमारी भाजपा सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रदेश के हर वर्ग के कर्मचारियों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है। स्वास्थ्य मंत्री ने आपकी लगभग सभी जायज और पुरानी मांगें पूरी कर दी हैं, जिससे अब किसी भी कर्मचारी को असंतोष नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि इस ऐतिहासिक सौगात के बाद अब सभी एनएचएम कर्मचारी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और अस्पतालों में दोगुनी ऊर्जा, समर्पण और तत्परता के साथ मरीजों की सेवा में जुट जाएं ताकि छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वस्थ और समृद्ध राज्य बनाया जा सके। इस महासम्मेलन में प्रदेश भर से आए हजारों एनएचएम डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और प्रबंधकीय स्टाफ सहित स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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