Indore Contaminated Water Deaths : इंदौर (10 फरवरी 2026): इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शहर में दो और मौतों की जानकारी सामने आई है, जिसमें एक 2 साल की मासूम बच्ची और एक 75 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं। इन नई मौतों के साथ ही दूषित पानी से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 35 हो गया है।
मासूम रिया की 5 दिन चली जंग
दो साल की रिया प्रजापति को गंभीर उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए उसे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित पानी के कारण संक्रमण इतना फैल गया था कि वह रिया के लीवर तक पहुँच गया। पांच दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद मासूम ने दम तोड़ दिया।

12 दिन अस्पताल में रहने के बाद बुजुर्ग की मौत
वहीं, सोमवार रात 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दूषित पानी के संक्रमण के चलते वे पिछले 12 दिनों से शेल्बी हॉस्पिटल में भर्ती थे। हालत में थोड़ा सुधार होने पर उन्हें घर लाया गया था, लेकिन सोमवार रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ली।
प्रशासन पर उठ रहे गंभीर सवाल
शहर के विभिन्न इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई और उससे हो रही लगातार मौतों ने नगर निगम और प्रशासन की पोल खोल दी है। अब तक 35 मौतों के बावजूद कई इलाकों में सीवेज मिश्रित पानी की शिकायतें बरकरार हैं। विपक्षी दल और आम जनता प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
इलाकों में दहशत का माहौल
इंदौर के प्रभावित इलाकों में लोग अब नल के पानी का उपयोग करने से डर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं, लेकिन संक्रमण की बढ़ती गति और मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है।













