इंदौर : शहर में साइबर अपराधियों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर डिजिटल अरेस्ट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। एमआईजी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर के परिवार को वीडियो कॉल कर बंधक बनाए जाने का झांसा दिया गया और चाकू से हमला व गला काटने की धमकी देकर 1 लाख 2 हजार रुपए वसूल लिए गए।
कोचिंग गया बेटा, वापस नहीं लौटा
पीड़ित माता-पिता पूजा प्रजापत और गोविंद प्रजापत के अनुसार, उनका बेटा 2 फरवरी को कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन अज्ञात बदमाशों ने वीडियो कॉल कर बच्चे को बंधक जैसी स्थिति में दिखाया।
वीडियो कॉल में दी गई जान से मारने की धमकी
वीडियो कॉल में आरोपियों ने किशोर के साथ मारपीट का दृश्य दिखाते हुए चाकू से हमला और गला काटने की धमकी दी। इतना ही नहीं, किडनी बेचने की बात कहकर परिवार पर मानसिक दबाव बनाया गया।
पहले 30 हजार रुपए की मांग की गई, फिर अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। घबराए परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर रकम जुटाई और बताए गए खातों में भेज दी।
कुछ घंटों बाद सुरक्षित मिला किशोर
घटना के कुछ घंटों बाद किशोर ने खुद अपने माता-पिता से संपर्क किया। उसने बताया कि वह पहले सांवरिया सेठ मंदिर और फिर देवास में था। परिजन उसे देवास रेलवे स्टेशन से लेकर इंदौर लौटे।चौंकाने वाली बात यह रही कि किशोर को किसी वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट की जानकारी ही नहीं थी।
साइबर एंगल से जांच शुरू
घटना के बाद दंपत्ति ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और एआई आधारित साइबर ठगी के एंगल से जांच जारी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले संबंधित व्यक्ति की वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।











