Sunday, September 27, 2026
Home Entertainment गणतंत्र दिवस परेड में अबकी बार इंडियन सिनेमा की भी झांकी, संजय...

गणतंत्र दिवस परेड में अबकी बार इंडियन सिनेमा की भी झांकी, संजय लीला भंसाली को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली: इंडियन सिनेमा के इतिहास में गणतंत्र दिवस परेड 2026 एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली रिपब्लिक डे परेड के लिए इंडियन सिनेमा को समर्पित एक विशेष झांकी तैयार करने का फैसला लिया है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली मंत्रालय के साथ मिलकर इस झांकी को आकार दे रहे हैं।

पहली बार सिनेमा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व

यह अवसर इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि पहली बार किसी इंडियन फिल्म डायरेक्टर को गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह झांकी इंडियन सिनेमा की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक उत्कृष्टता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाएगी।

Read More : धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पूजा और नमाज दोनों होगी, प्रशासन को दिए कड़े निर्देश

भारत का सबसे सशक्त सांस्कृतिक दूत है सिनेमा

दशकों से इंडियन सिनेमा दुनिया भर में भारत की पहचान बना हुआ है। कहानियों, संगीत, नृत्य और भावनाओं के माध्यम से सिनेमा ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है। अब उसी विरासत को कर्तव्य पथ जैसे ऐतिहासिक मंच पर सम्मान मिलने जा रहा है, जो पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा।

संजय लीला भंसाली को क्यों मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

इस सहयोग को लेकर सूत्रों का कहना है कि संजय लीला भंसाली इंडियन सिनेमा के सच्चे फ्लैग-बेयरर हैं। उनकी फिल्मों में भारतीय संस्कृति, इतिहास और भावनाओं की गहराई साफ झलकती है। ऐसे में गणतंत्र दिवस परेड में सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनसे बेहतर विकल्प कोई नहीं हो सकता।

भव्य सिनेमा और ग्लोबल पहचान

हम दिल दे चुके सनम, देवदास, ब्लैक से लेकर बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गंगूबाई काठियावाड़ी तक, भंसाली की फिल्मों ने भारतीय परंपराओं और ऐतिहासिक भव्यता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी सिनेमाई भाषा ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भी गहराई से प्रभावित किया है।

इंडियन सिनेमा के लिए ऐतिहासिक सम्मान

गणतंत्र दिवस परेड में इंडियन सिनेमा की झांकी न केवल फिल्म इंडस्ट्री के लिए बल्कि देश की सांस्कृतिक शक्ति के लिए भी एक बड़ा सम्मान है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सिनेमा की विरासत और उसकी वैश्विक पहचान से जोड़ने का काम करेगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here