MP TET Protest 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक भोपाल पहुंच रहे हैं। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने रविवार से राजधानी के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। मोर्चे का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षकों के इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करना है। इसके अलावा सेवा अवधि और वरिष्ठता का लाभ पहली नियुक्ति की तारीख से देने तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक बनाने की मांग भी उठाई जा रही है।
नीलम पार्क में जुटेंगे प्रदेशभर के शिक्षक
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। मोर्चे के अनुसार, आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक शामिल होंगे।शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगों पर निर्णय होने तक धरना जारी रहेगा। इस आंदोलन के जरिए वे अपनी समस्याओं और मांगों को शासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त की जाए। उनका कहना है कि वर्षों से शिक्षा विभाग में काम कर रहे शिक्षकों को इस नियम से राहत मिलनी चाहिए।TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों की नाराजगी आंदोलन की मुख्य वजह बताई जा रही है। मोर्चा इस मुद्दे पर ठोस निर्णय की मांग कर रहा है।
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पहली नियुक्ति से मिले सेवा अवधि और वरिष्ठता का लाभ
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग सेवा अवधि और वरिष्ठता से जुड़ी है। मोर्चा चाहता है कि शिक्षकों को उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता का लाभ दिया जाए।इस मांग के जरिए शिक्षक अपनी सेवा के वर्षों को मान्यता देने की बात उठा रहे हैं। मोर्चे का कहना है कि इस मुद्दे पर भी स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग
शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य रखने के बजाय स्वैच्छिक बनाने की मांग भी की है। मोर्चे की मांगों में यह मुद्दा भी शामिल है।शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगों पर बातचीत के बावजूद अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। इसी वजह से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है।
बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
मोर्चा संयोजक और राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि मांगों को लेकर शासन स्तर पर पहले भी कई बार बातचीत हो चुकी है। हालांकि, उनके अनुसार, अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
इसी के बाद अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। मोर्चे का कहना है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
MP TET Protest 2026: क्या हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
शिक्षकों के आंदोलन में मुख्य रूप से तीन मांगें उठाई जा रही हैं:
- लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करना।
- पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता का लाभ देना।
- ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक बनाना।
फिलहाल मोर्चे ने इन मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। शासन की ओर से इन मांगों पर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।






