Mohan Yadav Ancestral House: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच शहर में विकास और सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी मकान भी प्रभावित हो रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री अपने पैतृक घर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और इसके बाद खुद कुदाल चलाकर घर के हिस्से को हटाने की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि उज्जैन के लोग सिंहस्थ की तैयारियों में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अपने घर को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि समाज के लिए योगदान देने की भावना जरूरी है।
अपने घर से ही शुरू की मिसाल
मोहन यादव का पुश्तैनी घर अब सड़क चौड़ीकरण की योजना की जद में आया है। मुख्यमंत्री ने घर पहुंचने के बाद पूजा की और फिर खुद कुदाल चलाकर निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने घर से जुड़ी यादों का भी जिक्र किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घर उस समय बना था, जब उन्होंने दुनिया को देखना भी शुरू नहीं किया था। ऐसे घर से स्वाभाविक रूप से जुड़ाव होता है, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि पूरा मोहल्ला भी शहर के विकास में सहयोग कर रहा है।
सिंहस्थ के लिए बड़ा सड़क प्रोजेक्ट
मोहन यादव का पुश्तैनी घर जिस सड़क चौड़ीकरण योजना से प्रभावित हो रहा है, उसके तहत खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक सड़क को चौड़ा किया जाना है। दी गई जानकारी के मुताबिक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है।इस योजना से करीब 272 भवन प्रभावित होने की बात सामने आई है। सड़क चौड़ी होने से सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर बनाने का लक्ष्य बताया जा रहा है।
‘मुआवजा नहीं लेंगे’
मोहन यादव का पुश्तैनी घर हटाए जाने के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने परिवार से जुड़ी पुरानी यादों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1982 में वह इसी घर में आए थे। उस समय उन्होंने संयुक्त सचिव, छात्रसंघ अध्यक्ष और बाद में विधायक का पहला चुनाव जीतने से जुड़ी अपनी यादें भी साझा कीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि उनके परिवार की ओर से इस मामले में मुआवजा नहीं लिया जाएगा।
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पूरे मोहल्ले पर पड़ेगा असर
सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया का असर केवल मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार अब्दालपुरा क्षेत्र में कई अन्य भवन भी इस योजना से प्रभावित हो रहे हैं।इसमें नगर निगम सभापति कलावती यादव और भाजपा नगर उपाध्यक्ष जगदीश पांचाल के मकान का हिस्सा भी शामिल बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के लोग अपनी ओर से शहर के लिए सहयोग कर रहे हैं।
धर्म और समाज से ऊपर सहयोग की बात
मोहन यादव का पुश्तैनी घर हटाने के मौके पर मुख्यमंत्री ने इलाके के लोगों के सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए योगदान देने की भावना सभी में होनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने अपने धार्मिक और निजी स्थानों को पीछे हटाकर इस काम में सहयोग किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह उज्जैन में आपसी सहयोग का संदेश दे रहा है।
उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी तेज
सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में सड़क, यातायात और अन्य सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान का प्रभावित होना इसी सड़क चौड़ीकरण योजना का हिस्सा बताया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, जबकि सिंहस्थ के दौरान करोड़ों लोगों के आने की उम्मीद है। ऐसे में शहर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में लोगों का सहयोग जरूरी बताया जा रहा है।






