इंदौर : में शुक्रवार सुबह आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर एकसाथ छापेमारी की। कर चोरी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की आशंका के चलते बीआर गोयल ग्रुप, केजी गुप्ता कंपनी और बिंदल डेवलपर्स के ठिकानों पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
एक साथ 5 शहरों में छापे
आयकर विभाग के करीब 200 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने सुबह करीब 6:35 बजे इंदौर, कन्नौद, नासिक, अहमदाबाद और नसरुल्लागंज में कुल 8 ठिकानों पर एकसाथ दबिश दी। इस कार्रवाई से कंस्ट्रक्शन सेक्टर में हड़कंप मच गया।
नॉर्थ ईस्ट कॉन्ट्रैक्ट बना जांच का आधार
सूत्रों के मुताबिक, तीनों कंपनियों को संयुक्त रूप से नॉर्थ ईस्ट भारत में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसी प्रोजेक्ट से जुड़े फंड ट्रांजैक्शन, खर्च और भुगतान को लेकर आयकर विभाग को अनियमितताओं की सूचना मिली थी।
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हवाला कारोबार की भी जांच
आयकर टीम को इस मामले में हवाला नेटवर्क से जुड़े लेन-देन की भी आशंका है। यही कारण है कि इंदौर के साथ अन्य शहरों में भी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच की जा रही है।
सपना-संगीता ऑफिस सील
बीआर गोयल ग्रुप के सपना-संगीता रोड स्थित कार्यालय को आयकर विभाग ने सील कर दिया है। यहां से महत्वपूर्ण फाइलें, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई आयकर विभाग की इंदौर इन्वेस्टिगेशन यूनिट द्वारा की जा रही है। डिप्टी डायरेक्टर (इन्वेस्टिगेशन) आदित्यराजे काकासाहेब पवार की टीम इस सर्च ऑपरेशन को अंजाम दे रही है, जिसे एडिशनल डायरेक्टर राजेश मीना और प्रिंसिपल डायरेक्टर अमरेश सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
फिलहाल आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक आंकड़ों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जांच के बाद बड़ी कर चोरी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।











