Illegal Construction Singrauli : सिंगरौली (09 फरवरी 2026): ऊर्जाधानी सिंगरौली में विकास की आड़ में नियम-कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में बिना पार्किंग व्यवस्था और वैध बिल्डिंग परमिशन के बड़े-बड़े मॉल, होटल और अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इस बेतरतीब निर्माण का खामियाजा शहर की आम जनता को ‘जाम’ और ‘दुर्घटनाओं’ के रूप में भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि नगर निगम सिंगरौली के अधिकारियों के संरक्षण में ही यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
सड़कें बनीं ‘ओपन पार्किंग’, यातायात हुआ ध्वस्त
शहर के व्यस्त इलाकों में जिन भवनों को व्यावसायिक अनुमति दी गई है, वहां नक्शे के विपरीत पार्किंग स्थल को भी दुकान या गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। नतीजा यह है कि यहाँ आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं। इससे न केवल स्कूल और ऑफिस जाने वालों को देरी होती है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल पाता। मुख्य मार्ग अब पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुके हैं, जिससे हादसों का खतरा हर पल बना रहता है।
सरकारी जमीनों पर कब्जा और ‘रद्दी’ में नियम
सूत्रों की मानें तो शहर में ऐसे दर्जनों निर्माण हैं जो बिना किसी ‘बिल्डिंग परमिशन’ के पूरे कर लिए गए हैं। कई रसूखदारों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्के ढांचे खड़े कर लिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतों के अंबार के बावजूद नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अवैध निर्माण जस के तस कायम हैं, जो प्रशासन की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।
किसके इशारे पर चल रहा ‘खेल’?
शहरवासियों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियम तोड़ने वालों को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है। जब भवन निर्माण और सुरक्षा के कड़े मानक मौजूद हैं, तो बिना इन मानकों के मॉल और हॉस्पिटल कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या नगर निगम के भ्रष्टाचार ने शहर को अव्यवस्था की खाई में धकेल दिया है?
निष्पक्ष जांच की दरकार
सिंगरौली अब “जाम का शहर” बनता जा रहा है। बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ऐसे सभी संदिग्ध निर्माणों की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी अधिकारियों व संस्थानों पर सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।













