घरघोड़ा, रायगढ़ : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार, और श्री जितेंद्र जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के मार्गदर्शन में आज 13 सितंबर 2025 को तीसरी वार्षिक नेशनल लोक अदालत का आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा में किया गया।
लोक अदालत के आयोजन में कुल चार खंडपीठ का गठन किया गया, जिसमें श्री अभिषेक शर्मा (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), श्री दामोदर चंद्र (वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश), श्रीमती काम्या अय्यर और सुश्री प्रीति झा (व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी) शामिल थे।
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निपटान का आंकड़ा और वित्तीय लाभ
लोक अदालत के माध्यम से 549 नियमित प्रकरणों और 3,60,316 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निपटान किया गया। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, निष्पादन प्रकरण एवं प्री-लिटिगेशन के निराकरण से कुल ₹5,99,101,383/- लाभार्थियों को प्राप्त हुए।
परिवारिक विवाद में सुलह
खंडपीठ श्री अभिषेक शर्मा की अध्यक्षता में हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दांपत्य अधिकारों के पुनर्स्थापना हेतु एक विवादित प्रकरण को राजीनामा के लिए रखा गया। मामला 5 अप्रैल 2017 में संपन्न विवाह का था, जिसमें एक कन्या का जन्म हुआ। विवाह के पश्चात् पति-पत्नी के मध्य विवाद उत्पन्न हुआ था।
लोक अदालत में समझाईश देने और परिवारिक रिश्तों के महत्व को समझाने के बाद, दोनों पक्षकार एक साथ रहने पर सहमत हुए और अपने प्रकरण को राजीनामा के आधार पर समाप्त किया। इस प्रकार, लोक अदालत ने एक परिवार को न्याय और पुनः एकता का मार्ग दिया।
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स्वास्थ्य जांच और सामुदायिक सहयोग
लोक अदालत के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपस्थित पक्षकारों के लिए चिकित्सा कैंप का भी आयोजन किया गया, जिससे स्वास्थ्य जांच का लाभ भी लिया गया।
इसके अलावा, तालुका अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के सम्माननीय अधिवक्तागण, कर्मचारी गण, पैरा लीगल वॉलिंटियर और पक्षकारों ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
तालुका अधिक सेवा समिति घरघोड़ा के अध्यक्ष एवं विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने बताया कि लोक अदालत का यह आयोजन न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि लोगों के बीच विवाद समाधान और सामूहिक सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।











