Crops ruined : सिंगरौली। जिले में बीते दिनों हुई लगातार भारी वर्षा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं, वहीं खलिहानों में रखी तैयार उपज पर भी पानी भर गया। कई गांवों में अब तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आगामी बुवाई पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
Crops ruined : किसानों की मेहनत पर पानी — फसलें सड़ने लगीं
देवसर, चितरंगी, सरई, बैढ़न और माड़ा क्षेत्र के कई गांवों में धान, उड़द और मूंग जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में पानी भरा है, फसलें सड़ रही हैं और कीट प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। कई किसानों का कहना है कि इस सीजन की पूरी आय समाप्त हो गई है।
विधायकों ने की मुआवज़े की मांग
किसानों की इस समस्या को देखते हुए सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह और देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम ने शासन-प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है। दोनों विधायकों ने कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने और मुआवज़ा शीघ्र वितरित करने की अपील की है।
Crops ruined : विधायक रामनिवास शाह ने कहा —
“अतिवृष्टि से जिले के हजारों किसान प्रभावित हुए हैं। खेतों में जलभराव बना हुआ है। प्रशासन को तुरंत सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।”
वहीं देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कहा —
“किसानों की मेहनत और जीविका दोनों पर इस अतिवृष्टि ने गहरी चोट पहुंचाई है। शासन को तत्काल राहत कार्य शुरू कर मुआवज़ा राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करनी चाहिए।”
प्रशासन सक्रिय, सर्वे की तैयारी शुरू
जिला प्रशासन ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए कृषि और राजस्व विभाग की टीमों को खेतों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर मुआवज़ा वितरण किया जाएगा।
इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों के चेहरों पर मायूसी झलक रही है। उनका कहना है कि बीज, खाद और मजदूरी पर किए गए खर्च की भरपाई अब असंभव लग रही है। यदि शासन की सहायता जल्द नहीं मिली, तो आगामी रबी फसल की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है।









