Health: मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण जैसी परेशानियां सामने आती हैं। ऐसे समय में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए महंगे उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय रसोई में मौजूद कुछ मसालों और हर्ब्स को रोजमर्रा के भोजन में शामिल किया जा सकता है।
काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, तुलसी और पुदीना भारतीय रसोई में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली चीजें हैं। इनका उपयोग चाय, गर्म पेय और खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
1. काली मिर्च
काली मिर्च का इस्तेमाल सब्जियों, सूप और गर्म पेय में किया जा सकता है। इसका तीखा स्वाद भोजन को खास बनाता है। बदलते मौसम में इसे अपनी पसंद और सहनशीलता के अनुसार खाने में शामिल कर सकते हैं। बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से कुछ लोगों को पेट में जलन हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा बेहतर है।
2. लौंग
लौंग का इस्तेमाल चाय, काढ़े और कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। इसे अदरक या तुलसी वाली चाय में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है। लौंग का सेवन संतुलित मात्रा में करें और इसके तेल को बिना उचित सलाह के सीधे त्वचा या मुंह में इस्तेमाल करने से बचें।
3. दालचीनी
दालचीनी का उपयोग चाय, दूध और कई व्यंजनों में किया जाता है। इसकी हल्की मिठास और सुगंध पेय का स्वाद बढ़ाती है। इसे गर्म पानी या चाय में थोड़ी मात्रा में डाल सकते हैं। रोजाना बहुत ज्यादा दालचीनी खाना उचित नहीं है ।
4. तुलसी
तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से चाय और घरेलू पेय बनाने में होता रहा है। कुछ साफ पत्तियों को पानी में उबालकर हल्की तुलसी की चाय तैयार की जा सकती है। स्वाद के लिए इसमें अदरक भी डाल सकते हैं।
5. पुदीना
पुदीने की पत्तियां चाय, नींबू पानी और अन्य पेय में इस्तेमाल की जा सकती हैं। जिन लोगों को एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की परेशानी होती है, उनमें पुदीना कुछ लक्षण बढ़ा सकता है।
घर पर बनाएं अदरक और हल्दी वाला दूध
बदलते मौसम में गर्म दूध का स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक, हल्दी और थोड़ी काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सामग्री: एक गिलास दूध, आधा इंच अदरक, आधा इंच कच्ची हल्दी और 3–4 काली मिर्च।
बनाने का तरीका: दूध को पैन में डालें। इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक, हल्दी और काली मिर्च डालकर कुछ मिनट अच्छी तरह उबालें। फिर छानकर गर्मागर्म पिएं। चाहें तो स्वाद के अनुसार मिठास मिला सकते हैं। इसे पौष्टिक पेय की तरह लें, सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण के इलाज के रूप में नहीं।
इम्यूनिटी के लिए इन आदतों पर भी दें ध्यान
शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा क्षमता बनाए रखने के लिए सिर्फ मसालों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। रोजाना के भोजन में फल, सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं, नियमित नींद लें और हाथों की सफाई का ध्यान रखें। बीमार लोगों के निकट संपर्क में सावधानी बरतना भी संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।
