Health Tips: पेट और आंतों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ समय पर खाना ही नहीं, बल्कि डाइट में सही पोषक तत्वों को शामिल करना भी जरूरी है। फाइबर ऐसा ही एक जरूरी पोषक तत्व है, जो मल त्याग को नियमित रखने, कब्ज से बचाव और आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देने में मदद करता है। आइए जानते हैं ऐसे 7 फूड्स के बारे में, जिन्हें रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा बनाया जा सकता है।
1. चिया सीड्स
चिया सीड्स में फाइबर के साथ प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। इनका फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देने में मदद कर सकता है। इन्हें पानी या दही में भिगोकर खाया जा सकता है। शुरुआत कम मात्रा से करें और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। सूखे चिया सीड्स सीधे खाने से बचें।
2. दाल
मूंग, मसूर, अरहर और चने की दाल प्रोटीन के साथ फाइबर भी देती हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करने से पेट लंबे समय तक भरा रह सकता है और पाचन को सहारा मिलता है। दालों में मौजूद फाइबर आंतों के उपयोगी बैक्टीरिया के लिए भी फायदेमंद होता है।
3. रास्पबेरी
रास्पबेरी में फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसका फाइबर आंतों की नियमित गतिविधि और अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देने में मदद करता है। इसे दही, ओट्स या फ्रूट बाउल में मिलाकर खाया जा सकता है।
4. एवोकाडो
एवोकाडो में फाइबर, पोटैशियम और असंतृप्त वसा होती है। यह पेट भरा रखने और सामान्य पाचन क्रिया को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसे सलाद, टोस्ट या सैंडविच में शामिल किया जा सकता है।
5. ओट्स
ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है। यह आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देने और सामान्य पाचन में मदद कर सकता है। नाश्ते में दूध या पानी के साथ ओट्स पकाकर खाएं।
6. नाशपाती
नाशपाती पानी और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसे छिलके सहित खाने पर अधिक फाइबर मिल सकता है, बशर्ते फल को अच्छी तरह धोया गया हो। इसमें मौजूद पेक्टिन और अन्य घटक मल त्याग को नियमित रखने में मदद कर सकते हैं।
7. काबुली चना
काबुली चने में फाइबर, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, फोलेट और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसका फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देने और पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।
फाइबर बढ़ाते समय रखें ध्यान
डाइट में फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ाने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। इसलिए इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं। यदि कब्ज लंबे समय तक बनी रहे, पेट में तेज दर्द हो या मल में खून आए, तो डॉक्टर से सलाह लें।


