बढ़ती उम्र के साथ क्यों जरूरी है हड्डियों की देखभाल?
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का डेंसिटी धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसका असर आगे चलकर हड्डियों की मजबूती पर पड़ता है। कई लोगों को जोड़ों में दर्द, कमर में परेशानी और फ्रैक्चर का खतरा भी हो सकता है। इसलिए हड्डियों की देखभाल सिर्फ बुढ़ापे में नहीं, बल्कि कम उम्र से ही शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए खानपान में कैल्शियम, प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शामिल करना जरूरी है।
हड्डियों की मजबूती के लिए होममेड पाउडर
इस पाउडर को बनाने के लिए आपको ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं होगी। घर में आसानी से मिलने वाली तीन चीजों से इसे तैयार कर सकते हैं।
एक बाउल मखाना, एक बाउल सफेद तिल और एक बाउल खसखस लें। इसके अलावा पाउडर को दूध के साथ पीने के लिए जरूरत के अनुसार दूध रखें। इन तीनों चीजों को मिलाकर एक हेल्दी मिक्स तैयार किया जा सकता है।
होममेड पाउडर बनाने का तरीका
सबसे पहले लोहे का तवा गर्म करें और धीमी आंच पर मखाना, सफेद तिल और खसखस को अलग-अलग हल्का भून लें। अब इन्हें मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। तैयार पाउडर को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें। इसे नमी और सीधी धूप से दूर रखें, ताकि पाउडर जल्दी खराब न हो।
बोन हेल्थ के लिए कैसे इस्तेमाल करें ये पाउडर
इस पाउडर को गुनगुने दूध में मिलाकर लिया जा सकता है। शुरुआत में एक छोटी मात्रा लें और अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें। अगर आपको तिल, खसखस या दूध से एलर्जी है, तो इसका सेवन न करें। किसी बीमारी या खास डाइट की स्थिति में न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
तिल, खसखस और मखाना है हड्डियों के लिए फायदेमंद
सफेद तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी हैं। खसखस में भी कैल्शियम और मैग्नीशियम समेत कई पोषक तत्व होते हैं। वहीं मखाना हल्का स्नैक है, जिसमें कुछ जरूरी मिनरल्स और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं।
इन तीनों को दूध के साथ लेने से डाइट में पोषक तत्व शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह पाउडर जोड़ों या कमर के दर्द का इलाज नहीं है और न ही इससे फ्रैक्चर से बचने की गारंटी मिलती है। हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खाना, नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त धूप भी जरूरी है।