Skin Care: मौसम में बदलाव का असर सिर्फ कपड़ों और खानपान पर नहीं, बल्कि त्वचा पर भी पड़ता है। गर्मियों में तेज धूप और गर्मी के कारण त्वचा पर पिगमेंटेशन, डलनेस और पानी की कमी जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। वहीं, ऑटम यानी पतझड़ के मौसम में तापमान घटने और हवा में नमी कम होने से त्वचा रूखी, खिंची हुई और संवेदनशील महसूस हो सकती है।
ऐसे में गर्मियों वाला स्किनकेयर रूटीन बिना बदलाव के जारी रखना हमेशा सही नहीं होता। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आकृति गुप्ता के मुताबिक, इस मौसम में त्वचा की जरूरत समझकर हाइड्रेशन और स्किन बैरियर की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है।
त्वचा को मॉइस्चराइज रखें
मौसम ठंडा होने के साथ त्वचा में रूखापन और खिंचाव बढ़ सकता है। ऐसे में त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। अगर आपका मौजूदा मॉइस्चराइजर त्वचा को पर्याप्त नमी दे रहा है, तो उसे बदलने की जरूरत नहीं है। बदलाव तभी करें, जब त्वचा की जरूरत बदलती नजर आए।
ज्यादा एक्सफोलिएशन से बचें
गर्मियों के बाद डलनेस और खुरदुरापन देखकर बार-बार स्क्रब करना त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। ऑटम में संवेदनशीलता बढ़ने पर तेज स्क्रब या ज्यादा एक्सफोलिएशन से जलन और रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए जेंटल एक्सफोलिएशन करें और परेशानी होने पर इसे रोक दें।
स्किन बैरियर को मजबूत बनाएं
त्वचा का प्राकृतिक बैरियर नमी बनाए रखने और बाहरी परेशानियों से बचाव में मदद करता है। इस मौसम में ऐसे उत्पाद चुनें जो त्वचा को आराम दें और नमी बनाए रखने में मदद करें। किसी नए प्रोडक्ट से जलन या लालिमा हो, तो उसका इस्तेमाल रोकें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
पिगमेंटेशन पर धीरे-धीरे काम करें
गर्मियों में धूप के संपर्क में रहने के बाद त्वचा पर दाग-धब्बे और रंगत में असमानता ज्यादा नजर आ सकती है। इससे निपटने के लिए एक साथ कई नए प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय त्वचा की जरूरत के हिसाब से रूटीन बनाएं। पिगमेंटेशन लगातार बना रहे, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।
सनस्क्रीन लगाना न छोड़ें
मौसम ठंडा होने पर भी धूप से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए दिन में बाहर निकलते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं। लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाएं।
ऑटम में फेशियल कराते समय रखें ध्यान
ऑटम में त्वचा रूखी या बेजान महसूस हो, तो अपनी जरूरत के अनुसार फेशियल या स्किन ट्रीटमेंट पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, हर त्वचा के लिए एक जैसा फेशियल सही नहीं होता। संवेदनशील त्वचा होने पर तेज एक्सफोलिएशन या नए ट्रीटमेंट से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
इस मौसम में स्किनकेयर का मतलब पूरे रूटीन को बदलना नहीं, बल्कि त्वचा की बदलती जरूरतों के अनुसार उसमें छोटे बदलाव करना है। पर्याप्त नमी, सनस्क्रीन और सौम्य देखभाल से त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
