Sunday, October 4, 2026
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Skin Care: ग्लो के चक्कर में AHA-BHA का ज्यादा इस्तेमाल न कर बैठें, स्किन पर पड़ सकता है उल्टा असर

Skin Care: स्किन को एक्सफोलिएट करने के लिए AHA और BHA का इस्तेमाल काफी आम हो गया है। दोनों डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करते हैं, लेकिन त्वचा पर इनका काम करने का तरीका अलग होता है। सही तरीके और सही फ्रीक्वेंसी के साथ इस्तेमाल किया जाए तो ये स्किन को ज्यादा स्मूद और साफ दिखाने में मदद कर सकते हैं। वहीं बिना जानकारी के बार-बार लगाने से रूखापन, जलन और रेडनेस जैसी समस्या हो सकती है।

AHA और BHA में समझें अंतर

AHA यानी अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड में ग्लाइकोलिक और लैक्टिक एसिड जैसे एक्टिव शामिल होते हैं। ये मुख्य रूप से त्वचा की ऊपरी सतह पर काम करते हैं और जमा डेड स्किन को हटाने में मदद करते हैं। दूसरी ओर BHA, जिसमें सैलिसिलिक एसिड प्रमुख है, ऑयल सॉल्युबल होता है। यह पोर्स के अंदर मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने में मदद कर सकता है।

इस वजह से ऑयली या एक्ने-प्रोन स्किन में BHA वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, केवल स्किन टाइप देखकर कोई एक्टिव चुनना सही नहीं है। त्वचा कितनी संवेदनशील है और पहले से कौन-कौन से प्रोडक्ट इस्तेमाल हो रहे हैं, यह भी देखना जरूरी है।

पहली बार लगा रहे हैं तो पैच टेस्ट करें

AHA या BHA को पहली बार चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। कान के पीछे या हाथ के किसी छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर देखें। अगर तेज जलन, खुजली हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें। बहुत संवेदनशील त्वचा होने पर डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर विकल्प है।

रोज इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं

शुरुआत में AHA या BHA को सप्ताह में एक-दो बार इस्तेमाल करना पर्याप्त हो सकता है। अगर त्वचा इसे आराम से सहन करती है, तभी धीरे-धीरे फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर विचार करें।

किन एक्टिव्स के साथ रखें सावधानी?

एक ही रूटीन में कई स्ट्रॉन्ग एक्टिव्स इस्तेमाल करने से जलन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर AHA या BHA के साथ रेटिनॉल जैसे एक्टिव्स को एक साथ शुरू करने से पहले सावधानी जरूरी है। विटामिन C समेत दूसरे एक्टिव प्रोडक्ट्स भी त्वचा की सहनशीलता के हिसाब से रूटीन में शामिल करें। शुरुआत में अलग-अलग दिनों पर एक्टिव्स लगाना आसान तरीका हो सकता है।

मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन न भूलें

एक्सफोलिएशन के बाद त्वचा में रूखापन महसूस हो सकता है, इसलिए हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है। दिन के समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन भी स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा होना चाहिए। AHA जैसे एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करते समय धूप से त्वचा की सुरक्षा पर खास ध्यान दें। अगर किसी प्रोडक्ट के बाद लगातार जलन, सूजन या तेज लालिमा हो तो उसका इस्तेमाल रोक दें। सिर्फ ग्लो के लिए जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करना सही स्किनकेयर नहीं है।

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