नई दिल्ली। Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। तभी से हरतालिका तीज व्रत की परंपरा चली आ रही है।
मान्यता है कि इस दिन पूजा और व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। इस बार हरतालिका तीज 14 सितंबर को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इस दिन किन कामों से बचना चाहिए।
1. अन्न और जल का सेवन न करें
हरतालिका तीज का व्रत सामान्य तौर पर निर्जला रखा जाता है। व्रत का संकल्प लेने के बाद अन्न और जल ग्रहण नहीं करने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य धार्मिक आचार्य की सलाह लेनी चाहिए।
2. दिन में सोने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका तीज के दिन दिन में सोने से बचना चाहिए। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, भजन-कीर्तन और जागरण का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि व्रत के दौरान दिन में सोने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
3. काले और सफेद कपड़े पहनने से बचें
हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाओं के लिए लाल और हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन काले, नीले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। पूजा के दौरान सुहाग की सामग्री माता पार्वती को अर्पित करने की भी परंपरा है।
4. क्रोध और नकारात्मक विचारों से रहें दूर
व्रत के दिन मन, वाणी और कर्म की पवित्रता का विशेष ध्यान रखने की मान्यता है। इस दौरान किसी से विवाद करने, अपशब्द बोलने या गुस्सा करने से बचना चाहिए। घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
5. हरतालिका तीज की कथा सुनना न भूलें
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज की पूजा में व्रत कथा का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान हरतालिका तीज की कथा का पाठ या श्रवण जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि कथा सुनने से व्रत का धार्मिक महत्व पूर्ण होता है।
Hartalika Teej 2026: ध्यान दें: व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में कुछ हद तक भिन्न हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।







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