Gwalior News : ग्वालियर/ भूपेन्द्र भदौरिया : एक तरफ देशभर में सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए देशभर में हिंदू संगठन आंदोलन कर रहे है…. साधु-संत कैंपेन कर रहे है। लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हिंदू धर्म त्यागने की शपथ दिलाई गयी है। दो हजार से अधिक लोगों ने ली है। जिसमें बौद्ध धम्म सम्मेलन में ये विवादस्पद शपथ दिलाई गयी है। जिन लोगों ने शपथ ली है, वो कहते है…. हम चुनावी हिंदू है, जिसे लोग यूज करते है…. तो वहीं हिंदू संगठन ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है, तो वहीं कांग्रेस ओर बीजेपी के अपने तर्क है। वीडियो की जांच के बाद आयोजन करता पर मामला दर्ज करने की बात भी एसडीएम के द्वारा कही गई है..
Gwalior News : शपथ में कहा गया कि ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, न मैं इनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा कभी नहीं करूंगा। मैं गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करूंगा। ब्राहम्णों के हाथों से कोई कार्य नही करवाउंगा, अपने पुराने धर्म को त्यागता हूं, बौद्ध को अपनता हूं, मेरा अब नया जन्म हो रहा है। ये शपथ…. बौद्ध धर्म के गुरू धम्मोपदेशक भिख्खू भदन्त शाक्य ने दिलाई है।
Gwalior News : ग्वालियर के भितरवार के धाखड़ खिरिया में हुए बौद्ध धम्म सम्मेलन का ये एक वीडियो सामने आया है। जिसमें लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने की शपथ दिलाई जा रही है। जिसमें 96 गांव के जाटव समाज सुधार समिति ने 6 से 8 जून तक तीन दिवसीय बौद्ध धम्म सम्मेलन का आयोजन किया था। जिसमें मुख्य धम्मोपदेशक भदंत शाक्य मौजूद थे। वहीं शपथ लेने वाले लोग कहते है…. हम चुनावी हिंदू है, जिसे लोग यूज करते है। तो वहीं हिंदू संगठन ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है।
Gwalior News : शपथ में ये भी कहा गया- मैं, ईश्वर ने अवतार लिया है, इस पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूं। मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करूंगा। …. वही इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम भितरवार संजीव जैन का कहना है की बौद्ध धर्म का यह महासम्मेलन 6 ,7 और 8 मई को आयोजित किया गया था, इस आयोजन का एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वह मेरे संज्ञान में भी आया है।
Gwalior News : जिसको लेकर सम्मेलन करने वाले आयोजनों को पूछताछ के लिए मैंने बुलाया था, जिसमें उन्होंने बताया कि बौद्ध धर्म के धर्मगुरु आए हुए थे उन्होंने विदाई वाले दिन यह जो शपथ मंच से दिलाई है, हालांकि हम लोग इस तरीके के शपथ को नहीं मानते और हम सभी देवी देवताओं को मानते हैं उनकी पूजा करते हैं, इस तरीके की शपथ से हम लोगों के ऊपर कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता, हालांकि एसडीएम संजीव जैन ने कहा है कि आज कौन से हमने एक प्रतिवेदन लिया है जिसके आधार पर जांच कर हम कार्यवाही करेंगे और हमारी ओर से आयोजन के लिए जो अनुमति दी गई थी उसमें साफ निर्देश दिए गए थे कि इस तरीके का कोई वक्तव्य आयोजन में नहीं रखा जाएगा कि वह अन्य धर्म के लोगों की भावना को ठेस पहुंचा, लेकिन उन्होंने हमारे आदेशों की अभेलाना की है, जिसको लेकर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, वहीं कांग्रेस और बीजेपी इस तरीके के धर्मांतरण को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लग रही है कांग्रेस इसे बीजेपी की देन बता रही है, तो बीजेपी धर्मांतरण करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही करने की बात कर रही है
Gwalior News : बहरहाल कार्यक्रम के जो आयोजक है… वो कहते है, आयोजन का उद्देश्य समाज की कुरीतियों को दूर करना था। सोशल मीडिया पर लोगों के धर्म परिवर्तन की खबर गलत है। सम्मेलन का उद्देश्य किसी धर्म का अनादर करना नहीं था और समिति इस तरह की गतिविधियों से सहमत नहीं है। बहरहाल इस शपथ ओर आयोजन…. पर ओर सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए है। अनुमति किसी ओर कार्यक्रम की ली जा रही है…. ओर काम धर्म परिवर्तन का किया जा रहा है। ये तब हो रहा है, ग्वालियर में अंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर सवर्ण ओर दलित वर्ग के लोगों के बीच तनाव का माहौल है।













