Gwalior News: ग्वालियर/ संदीप शर्मा : एक ओर सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी सच्चाई इन प्रयासों को ठेंगा दिखा रही है। ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में अवैध रेत खनन का कारोबार दिन-ब-दिन बेकाबू होता जा रहा है। इस गैरकानूनी गतिविधि में माफिया, माइनिंग विभाग के अधिकारी और कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत की बातें अब सार्वजनिक हो चुकी हैं।
Gwalior News: रात के अंधेरे में होती है ‘रेत चोरी’
Gwalior News: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, खनन का कार्य मुख्यतः रात के अंधेरे में किया जाता है, जब प्रशासनिक निगरानी नगण्य होती है। बिना किसी परमिट के, भारी मशीनें और ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ रोज़ाना सैकड़ों घन मीटर रेत पहाड़ियों से निकालकर बाहर ले जाती हैं। “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। रात को पूरा इलाका ट्रैक्टरों की आवाज़ से गूंजता है,” एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
Gwalior News: सूत्रों का दावा: अधिकारियों को बंधा-बंधाया ‘हफ्ता’
Gwalior News: सूत्रों की मानें तो यह अवैध खनन माइनिंग विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। हर खेप के बदले में एक तयशुदा ‘हफ्ता’ विभागीय अधिकारियों तक पहुँचता है, जिससे वे आँख मूँद लेते हैं। शिकायतें होने के बावजूद अधिकतर जांच सिर्फ फाइलों तक ही सीमित रह जाती हैं।
Gwalior News: प्रशासनिक चुप्पी और बिगड़ता पर्यावरण संतुलन
Gwalior News: घाटीगांव और आसपास के क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन से पहाड़ी इलाकों की प्राकृतिक संरचना खतरे में है। इससे न केवल जलस्तर प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय किसानों की जमीन भी बंजर होने लगी है। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग अब तक कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हुए हैं।
Gwalior News: माइनिंग अधिकारी ने उठाए हाथ
जब माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा से इस बारे में सवाल किया गया, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था।
“मेरे पास स्टाफ नहीं है, मैं अकेला क्या वहां मरने चला जाऊं? रात में मैं कोई कार्रवाई नहीं करूंगा।”
इस बयान से साफ है कि या तो अधिकारी असहाय हैं या फिर जिम्मेदारी से बचना चाह रहे हैं।
Gwalior News: कानून क्या कहता है?
Gwalior News: भारतीय खनिज अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस खनन करना संज्ञेय अपराध है, जिसमें कड़ी सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है। लेकिन जब कानून लागू करने वाले ही दोषियों के साथ खड़े नजर आएं, तो न्याय व्यवस्था की साख पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
Gwalior News: जनता की मांग: हो उच्च स्तरीय जांच
Gwalior News: स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक माइनिंग विभाग के भीतर की गंदगी साफ नहीं होती, तब तक यह अवैध रेत माफिया यूं ही फलता-फूलता रहेगा।
Gwalior News: यह सिर्फ रेत की चोरी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों से उनका जल, जंगल और ज़मीन छीनने की साजिश है। सवाल यह है—क्या प्रशासन अब भी चुप बैठा रहेगा?









