Gwalior News : ग्वालियर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर ग्वालियर में उपजे विवाद के बाद भले ही दोनों पक्षों (भीम आर्मी और सवर्ण समाज) ने अपने विरोध प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा कर दी हो, लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है। एहतियात के तौर पर जिले भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।
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Gwalior News : संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स
सोमवार रात से ही पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- अतिरिक्त फोर्स: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया है और उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
- प्रमुख तैनाती स्थल: थाटीपुर, चौहान प्याऊ, मुरार, फूल बाग सहित विवादित टिप्पणी करने वाले वकील अनिल मिश्रा के घर के आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
कलेक्टर-SP खुद कर रहे मॉनिटरिंग
जिले की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह कर रहे हैं। दोनों अधिकारी शहर भर में घूम-घूमकर संवेदनशील इलाकों में तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
7 साल पुरानी हिंसा की आशंका
प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता क्योंकि करीब 7 साल पहले (2 अप्रैल के आंदोलन) के दौरान यहां हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें तीन दलित युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और संभाग भर में व्यापक तौर पर हिंसा हुई थी।
वकील अनिल मिश्रा के समर्थकों को हटाया
मंगलवार शाम को वकील अनिल मिश्रा और उनके समर्थकों ने “जिला प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाकर सड़क पर टेंट लगाने की कोशिश की थी, जिसे पुलिस ने तुरंत समझाइश देकर हटवा दिया था। फिलहाल, पूरे शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।









