Arang Panchayat Crisis: आरंग। रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुज़रा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंचायत की सरपंच बिंदू बंजारे के खिलाफ उपसरपंच और पंचों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव प्रशासनिक स्तर पर स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद पंचायत में सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Arang Panchayat Crisis: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 17 जून 2026 को दोपहर 1 बजे ग्राम पंचायत भवन गुज़रा में विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में पंचायत के सभी निर्वाचित सदस्य भाग लेंगे और मतदान के जरिए सरपंच के भविष्य का फैसला होगा।
सरपंच पर लगाए गए कई गंभीर आरोप
Arang Panchayat Crisis: उपसरपंच और पंचों ने पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रस्तुत आवेदन में सरपंच पर वित्तीय अनियमितता, प्रशासनिक लापरवाही और पारिवारिक हस्तक्षेप सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
6 लाख रुपये की राशि पर सवाल
Arang Panchayat Crisis: पंचों का आरोप है कि पंचायत में लगभग 6 लाख रुपये की शासकीय राशि विभिन्न मदों में स्वीकृत और आहरित की गई, लेकिन उसके उपयोग का कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जानकारी मांगने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
भाई के हस्तक्षेप का आरोप
Arang Panchayat Crisis: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के निर्णयों और बैठकों में सरपंच अपने सगे भाई को शामिल करती हैं, जबकि वह पंचायत क्षेत्र के निवासी नहीं हैं और न ही किसी निर्वाचित पद पर हैं। इसे पंचायत व्यवस्था में अनधिकृत हस्तक्षेप बताया गया है।
पंचायत क्षेत्र से अनुपस्थित रहने का आरोप
Arang Panchayat Crisis: अविश्वास प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरपंच अधिकांश समय अपने मायके ग्राम बिमचा (जिला महासमुंद) में रहती हैं। इससे ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सत्यापन और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पानी टैंकर और मोटर पंप के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप
Arang Panchayat Crisis: पंचों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में पेयजल संकट के बावजूद कभी भी पानी टैंकर नहीं पहुंचा, लेकिन रिकॉर्ड में टैंकर सप्लाई के नाम पर हजारों रुपये की राशि निकाली गई। इसी प्रकार पुराने मोटर पंप और सिंटेक्स टंकी को नया निर्माण या मरम्मत दिखाकर भी राशि आहरित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
अभिलेख दिखाने से इनकार
Arang Panchayat Crisis: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत की पासबुक, रजिस्टर और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जानकारी मांगने पर सरपंच और सचिव द्वारा सहयोग नहीं किया जाता। इससे पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू की प्रक्रिया
Arang Panchayat Crisis: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम एवं विहित प्राधिकारी अभिलाषा पैकरा ने सरपंच को नोटिस जारी कर विशेष सम्मेलन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। पंचायत सचिव को सभी सदस्यों को समय पर सूचना देने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
तहसीलदार होंगे पीठासीन अधिकारी
Arang Panchayat Crisis: बैठक को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विनोद साहू (तहसीलदार, मंदिरहसौद) को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे पूरी कार्यवाही की निगरानी करेंगे और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगे।
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
Arang Panchayat Crisis: बैठक के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने थाना प्रभारी मंदिरहसौद को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
17 जून को होगा फैसला
Arang Panchayat Crisis: अब पूरे आरंग क्षेत्र की निगाहें 17 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। मतदान के बाद यह तय होगा कि सरपंच बिंदू बंजारे अपने पद पर बनी रहेंगी या पंचायत की सत्ता में बदलाव देखने को मिलेगा। पंचायत में उठे भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने इस मामले को क्षेत्र की सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाओं में शामिल कर दिया है।









