रायपुर। Nishaanebaz.com-Governor Ramen Deka VC Meeting: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (Vice Chancellors) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध कार्यों की पारदर्शिता और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यपाल ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) मूल्यांकन में बेहतर ग्रेडिंग हासिल करने के लिए तुरंत आवश्यक तैयारियां शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थानों में शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित होना चाहिए और प्रत्येक विश्वविद्यालय में न्यूनतम 1,000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उच्च शिक्षा और शोध में पारदर्शिता पर जोर देते हुए राज्यपाल डेका ने घोषणा की कि पीएचडी (Ph.D.) उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया को पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा। इसके तहत पीएचडी में होने वाले नए पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से ‘रैंडम चेकिंग’ कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री बांटने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे व्यावहारिक शोध को बढ़ावा दें जिससे समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान मिल सके।
| प्रमुख दिशा-निर्देश (Key Directives) | अपेक्षित कार्यवाही / मानक (Expected Action / Standard) |
| NAAC ग्रेडिंग व छात्र संख्या | गुणवत्ता में सुधार करें; प्रत्येक विवि में कम से कम 1,000 छात्र संख्या अनिवार्य। |
| शोध व PhD प्रक्रिया (Ph.D. Quality) | पीएचडी पंजीयनों की होगी रैंडम चेकिंग; शोध का सामाजिक सरोकार जरूरी। |
| पाठ्यक्रम समीक्षा (Course Review) | छात्र विहीन पुराने कोर्स बंद करें; एनवायरनमेंटल साइंस व साइबर सिक्योरिटी शुरू करें। |
| सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) | आसपास के गांव गोद लें; ब्रेस्ट कैंसर सर्वे, स्वास्थ्य जागरूकता व योग को बढ़ावा दें। |
बैठक के दौरान राज्यपाल ने अनुपयोगी पाठ्यक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी नया कोर्स शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार और छात्रों की रुचि का सर्वेक्षण किया जाए। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर है, उन्हें बंद किया जाए और अनावश्यक संख्या बढ़ाने के बजाय साइबर सिक्योरिटी, एनवायरनमेंटल साइंस तथा एनईपी (NEP) के तहत ‘इंटीग्रेटेड कोर्सेस’ जैसे उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए।
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सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने निर्देश दिया कि सभी निजी विश्वविद्यालय अपने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को गोद लें। वहां शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के साथ-साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे और योग-ध्यान जैसे नियमित जागरूकता अभियान चलाएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए नामी कंपनियों से टाई-अप करने तथा छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण व संवर्धन हेतु शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही।
युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाने के लिए उन्होंने विश्वविद्यालयों में नशा-मुक्ति अभियानों को जन-आंदोलन बनाने की सलाह दी। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।





