रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Konikalan Health Crisis: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से ग्रामीण अवसंरचना और बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं की एक ऐसी व्यथा सामने आई है, जिसने दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। जावा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोनीकलां में सड़क और कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप होने के कारण ग्रामीणों को एक बीमार बच्चे के इलाज के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। गांव तक एंबुलेंस या कोई भी वाहन न पहुंच पाने की स्थिति में परिजनों और ग्रामीणों ने 12 वर्षीय बच्चे को कपड़े की पोटली (झोली) में बांधा और 3 किलोमीटर का दुर्गम कीचड़ भरा रास्ता पैदल पार कर उसे मुख्य सड़क पर खड़ी बाइक तक पहुंचाया, जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया।
पूरा मामला कोनीकलां के पौखरी टोला का है। ग्रामीणों के अनुसार, मिनी बाणसागर नहर का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया और उसका मलबा सड़क पर आ गिरा। इस वजह से मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त और जलमग्न हो गई।
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रास्ता इतना जर्जर और कीचड़युक्त हो गया कि उस पर पैदल चलना भी जोखिम भरा था। इसी बीच गांव के मिथलेश केवट के 12 वर्षीय छोटे भाई की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। गांव में वाहन आने का कोई रास्ता न होने के कारण ग्रामीणों ने कपड़े की पोटली बनाई और बच्चे को उसमें रखकर 3 किलोमीटर दूर तक पैदल कांवड़ की तरह उठाकर ले गए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब 6 से 7 हजार की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में हर साल मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है। बारिश शुरू होते ही कई टोले और मोहल्ले मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाते हैं। इमरजेंसी के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है, जिन्हें समय पर डॉक्टरी इलाज नहीं मिल पाता।
मामला सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद रीवा जिला कलेक्टर ने घटना पर तुरंत संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारी और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त नहर तथा सड़क का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि नहर और रास्ते की मरम्मत कराकर आवागमन को जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा।





