Gharghoda Police Inaction : घरघोड़ा/रायगढ़ (27 फरवरी 2026): रायगढ़ जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में जब पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हैं, वहीं घरघोड़ा क्षेत्र में पसरा सन्नाटा किसी बड़ी साजिश या मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यहाँ अवैध कारोबारियों को कानून का डर नहीं रह गया है, बल्कि वे पुलिस की नाक के नीचे अपना साम्राज्य फैला रहे हैं।
नदियों की लूट: माफियाओं के हौसले बुलंद क्षेत्र की नदियों से दिन-दहाड़े बालू का अवैध उत्खनन जारी है। ट्रैक्टरों और हाइवा की कतारें गवाही दे रही हैं कि ‘पीला सोना’ माफियाओं की जेबें भर रहा है। खनिज विभाग और पुलिस की निष्क्रियता से सरकारी राजस्व को तो चूना लग ही रहा है, साथ ही पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।
नशे और जुए की गिरफ्त में युवा पीढ़ी नगर सहित ग्रामीण अंचलों में जुआ, सट्टा और अवैध शराब की पैठ गहरी हो गई है। गली-मोहल्लों में बिक रहा गांजा युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। चोरी और कबाड़ के अवैध धंधों ने आम नागरिक का जीना मुहाल कर दिया है। नागरिकों का बड़ा सवाल है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब फल-फूल रहा है?
एसएसपी शशि मोहन सिंह से बड़ी उम्मीदें जिले में एसएसपी शशि मोहन सिंह की ‘क्रैकडाउन’ छवि को देखते हुए घरघोड़ा की जनता अब उनकी ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। लोगों की मांग है कि कप्तान साहब खुद संज्ञान लें और उन बीट प्रभारियों व जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करें, जिनके क्षेत्र में ये अवैध काम संचालित हो रहे हैं।
जनता की प्रमुख मांगें:
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ज्वाइंट ऑपरेशन: पुलिस और खनिज विभाग मिलकर बालू माफियाओं पर तत्काल सर्जिकल स्ट्राइक करे।
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नशे के विरुद्ध जंग: चिन्हित नशे के अड्डों और जुआ-सट्टा माफियाओं पर बिना किसी सूचना के छापेमारी हो।
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जवाबदेही तय हो: अपराधियों को ‘अभयदान’ देने वाले या लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त गाज गिरे।
अब देखना यह होगा कि क्या घरघोड़ा में भी खाकी का खौफ लौटेगा या फिर माफिया इसी तरह प्रशासन की आँखों में धूल झोंकते रहेंगे।











