Gas Hoarding Action : LPG संकट के बीच जमाखोरों पर सरकार का बड़ा प्रहार: देशभर में छापेमारी, हजारों सिलेंडर बरामद

VIKASH KHALKHO

 Gas Hoarding Action : नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। देश के विभिन्न हिस्सों से गैस किल्लत की खबरें आ रही हैं, जिसके चलते गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस संकटपूर्ण स्थिति में आम जनता को सुबह से शाम तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, वहीं कई जगहों पर सिलेंडर को लेकर मारपीट और विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में गैस न मिलने के कारण लोग अब फिर से पुराने पारंपरिक चूल्हों और कोयले का सहारा लेने को मजबूर हैं।

इसी बीच, ‘आपदा में अवसर’ तलाशने वाले जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारों ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार के निर्देश पर देशभर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें गैस गोदामों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर सिलेंडर बेच रहे हैं या अवैध रूप से गैस का भंडारण कर रहे हैं, उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

जमाखोरी के खिलाफ चल रहे इस अभियान में प्रशासन को बड़ी सफलताएं मिली हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बंद पड़ी गैस एजेंसी से करीब 668 भरे हुए और 1574 गैर-पंजीकृत सिलेंडर बरामद किए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी खाद्य विभाग ने 102 स्थानों पर दबिश देकर 741 सिलेंडर जब्त किए हैं, जिनमें सबसे अधिक कार्रवाई रायपुर और बिलासपुर में हुई है। मुंबई के वर्ली क्षेत्र में भी अवैध रिफिलिंग सेंटरों पर रेड कर भारी मात्रा में कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

ईंधन की इस भारी कमी के कारण बाजार में अब विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ी है। होटल, ढाबा संचालक और आम नागरिक अब एलपीजी के विकल्प के रूप में बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर और हॉट प्लेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इंडक्शन की बिक्री में 10 से 15 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें आसमान छूने और उपलब्धता न होने के कारण छोटे व्यवसायी अब पूरी तरह से बिजली पर आधारित कुकिंग सिस्टम पर निर्भर हो गए हैं।

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर ‘पैनिक बुकिंग’ न करें, क्योंकि इससे आपूर्ति श्रृंखला पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और केवल वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से ही सिलेंडर बुक करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबरों पर दें ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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