Friday, August 28, 2026
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NH 135 C Project Delayed : सड़क परिवहन मंत्रालय के फैसले से प्रयागराज–सिंगरौली एनएच अधर में, डेढ़ साल से अटका प्रोजेक्ट

NH 135 C Project Delayed : सिंगरौली: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज को मध्य प्रदेश के सिंगरौली से जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी नेशनल हाईवे 135 सी (NH 135 C) प्रोजेक्ट वर्तमान में पूरी तरह खटाई में पड़ गया है। तीन वर्ष पूर्व बड़े उत्साह के साथ मंजूर हुआ यह मार्ग अब प्रशासनिक फाइलों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के बीच अपनी पहचान खोता जा रहा है। आलम यह है कि यूपी सीमा के देवरी तक सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन सिंगरौली जिले की सीमा में प्रवेश करते ही यह प्रोजेक्ट ‘एलाइनमेंट निरस्त’ होने के नाम पर रुका हुआ है।

मुआवजे का खेल और एलाइनमेंट का विवाद: विवाद की असली जड़ प्रस्तावित मार्ग में हुए निर्माण कार्य हैं। बताया जाता है कि हाईवे की मंजूरी के बाद प्रस्तावित एलाइनमेंट पर करीब 3 हजार नए मकान बन गए। स्थानीय प्रशासन (कलेक्टर और तत्कालीन एसडीएम) ने इन मकानों को अवैध निर्माण और मुआवजे हड़पने की साजिश मानकर एलाइनमेंट को निरस्त करने का प्रतिवेदन केंद्र सरकार को भेज दिया। नतीजतन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने एलाइनमेंट को रद्द कर दिया। अब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी नया एलाइनमेंट बनेगा या नहीं, इस पर न तो जिला प्रशासन कुछ बोल रहा है और न ही एमपीआरडीसी (MPRDC) के पास कोई जवाब है।

भाजपा के अंदरूनी घमासान ने बिगाड़ा काम: चर्चाएं हैं कि इस प्रोजेक्ट के लटकने के पीछे भाजपा के अंदरूनी समीकरण भी जिम्मेदार हैं। सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन सांसद रीति पाठक ने इस सड़क के लिए कड़ी मेहनत की थी। अब जिले के ही कुछ वरिष्ठ भाजपा नेता उन्हें इसका श्रेय नहीं देना चाहते, इसलिए वे इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। पिछले वर्ष भाजपा के केंद्रीय संगठन कार्यालय महामंत्री अरुण सिंह ने भी सिंगरौली प्रवास के दौरान सार्वजनिक रूप से भाजपा नेताओं को इस देरी के लिए दोषी ठहराया था, जिससे स्थानीय नेतृत्व की काफी किरकिरी हुई थी।

जनता का बढ़ता आक्रोश: चितरंगी क्षेत्र की जनता अब खुलकर सवाल करने लगी है कि आखिर क्षेत्रीय विधायक, सांसद और मंत्री इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं? क्या अवैध निर्माणों की आड़ में पूरे क्षेत्र के विकास को रोक देना जायज है? लोगों का आरोप है कि यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय होते, तो नया एलाइनमेंट कब का तैयार हो गया होता।

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