Gang War : पटना | बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को दिनदहाड़े जो हुआ, उसने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी। कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की अस्पताल के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हत्याकांड पटना के पारस हॉस्पिटल में हुआ, जहां मिश्रा इलाज के लिए भर्ती था। अस्पताल के भीतर OPD के रास्ते घुसे छह हथियारबंद शूटर, सीधे कमरा नंबर 209 में पहुंचे और गोलियों की बौछार कर दी।
“गैंगवॉर” की स्टेजिंग अस्पताल के ICU में!
हत्या के बाद जैसे ही खबर फैली, पुलिस और खुफिया तंत्र में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह पूरी कार्रवाई गैंगवार की एक सुनियोजित कड़ी थी। मुख्य साजिशकर्ता तौसीफ बादशाह, पहले से जेल काट चुका अपराधी है, जो अस्पताल से पहले से वाकिफ था। बताया गया है कि तौसीफ ने अपने किसी करीबी का इलाज इसी अस्पताल में करवाया था, जिससे उसे हर कोने की जानकारी थी। इस जानकारी का उसने उपयोग कर चंदन मिश्रा को ठिकाने लगाने की रणनीति बनाई।
हत्या के बाद जश्न, CCTV में कैद अपराधियों की बेशर्मी
चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी मुस्कुराते हुए अस्पताल से निकले। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि 7:15:19 पर सभी आरोपी बाइक पर बैठकर आराम से निकलते हैं, मानो कुछ हुआ ही नहीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग के तुरंत बाद वे रास्ते में “विक्ट्री सेलिब्रेशन” भी करते दिखे, जैसे कोई मिशन पूरा हुआ हो।
पुलिस पर गिरी गाज: लापरवाही पर 10 से अधिक कर्मी सस्पेंड
एसएसपी पटना के आदेश पर इस मामले में शास्त्री नगर थाना के दो दरोगा, दो सहायक दरोगा और कई सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
अतिरिक्त कार्रवाई के तहत गांधी मैदान, सचिवालय और गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के कई अफसरों को भी सस्पेंड किया गया है, क्योंकि इन इलाकों में गश्त और सतर्कता में भारी चूक पाई गई।
209 नंबर रूम का दरवाज़ा टूटा, अस्पताल ने नहीं दी सुरक्षा
खास बात यह रही कि कमरे का लॉक पहले से खराब था, जिसका फायदा उठाकर हमलावर सीधे कमरे में दाखिल हुए। अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि VIP स्तर के मरीज के लिए कोई सुरक्षात्मक इंतजाम क्यों नहीं था?
चंदन मिश्रा कौन था? क्यों बना टारगेट
चंदन मिश्रा पटना के सबसे कुख्यात अपराधियों में गिना जाता था। उस पर हत्या, फिरौती, रंगदारी और अवैध हथियार तस्करी जैसे मामलों में कई FIR दर्ज थीं। हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था और इलाज के नाम पर पारस हॉस्पिटल में भर्ती था।
पुलिस को आशंका है कि यह तौसीफ गिरोह द्वारा रची गई बदले की कार्रवाई है।
क्राइम ब्रांच एक्टिव, सीमावर्ती जिलों में छापेमारी
पुलिस ने तौसीफ बादशाह और उसके गुर्गों के खिलाफ राज्यव्यापी छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है।
क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और इंटेलिजेंस यूनिट को भी इस जांच से जोड़ा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि अगले 48 घंटे में अहम गिरफ्तारियां हो सकती हैं।













