Saturday, September 5, 2026
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Zee Group Founder FIR: ZEE Group के फाउंडर सुभाष चंद्रा क्‍या जेल जाएंगे, CBI ने कसा शिकंजा, LIC हाउसिंग फाइनेंस फ्रॉड में केस दर्ज

Zee Group Founder FIR
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Zee Group Founder FIR: नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुभाष चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LICHFL) से जुड़े कथित 1,322 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में FIR दर्ज की है। यह मामला LIC हाउसिंग फाइनेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

LICHFL का आरोप है कि 2018 में क्रेडिट फैसिलिटी लेते समय सुभाष चंद्रा की ओर से 59,113 करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाला सर्टिफिकेट पेश किया गया था। हालांकि, बाद में 2024 में उनकी ओर से अपनी नेटवर्थ करीब 31.79 करोड़ रुपये बताई गई। इसी अंतर को लेकर कंपनी ने धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

CBI की FIR में सुभाष चंद्रा के अलावा पंकज सुरोलिया, अमीष पांड्या और राजीव ढोलकिया के नाम भी शामिल हैं। मामले में 2018 से 2026 के बीच कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

क्या है 22,006 करोड़ रुपये का विवाद?

सुभाष चंद्रा की मुश्किलें ऐसे समय बढ़ी हैं, जब उनकी व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही से जुड़ा मामला भी विवादों में है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने NCLT के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें समूह की कंपनियों के कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े करीब 22,006 करोड़ रुपये के दावों को लगभग 6.5 करोड़ रुपये में निपटाने की अनुमति दी गई थी।

NCLAT ने सुभाष चंद्रा को अपनी संपत्तियां बेचने या ट्रांसफर करने से भी रोक दिया है। पांच सदस्यीय विशेष पीठ ने कहा कि री-पेमेंट योजना को लेकर स्पष्ट बहुमत नहीं बन पाया, इसलिए इसे प्रभावी नहीं किया जा सकता।

कर्जदाताओं ने जताई आपत्ति

इस सेटलमेंट प्रस्ताव का कुछ बैंकों और कर्जदाताओं ने विरोध किया था। HDFC बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस और केनरा बैंक समेत असहमत कर्जदाताओं का कहना था कि 22,006 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले सिर्फ 6.5 करोड़ रुपये की वसूली बेहद कम है।

वहीं, सुभाष चंद्रा का कहना है कि 22,006 करोड़ रुपये की पूरी राशि उनकी व्यक्तिगत उधारी नहीं है। इसमें एस्सेल ग्रुप की कंपनियों के कर्ज के लिए दी गई उनकी व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावे भी शामिल हैं। चंद्रा ने व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों की राशि करीब 3,990 करोड़ रुपये बताई है।

संपत्ति की जांच की मांग

असहमत कर्जदाताओं ने सुभाष चंद्रा की घोषित संपत्ति की दोबारा जांच की मांग भी की है। उनका कहना है कि व्यक्तिगत गारंटी के समय उनकी संपत्ति का विवरण महत्वपूर्ण आधार था। कर्जदाताओं के अनुसार, 2018 में उनकी कुल संपत्ति करीब 40,600 करोड़ रुपये और 2017 में करीब 45,900 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि बाद के वर्षों में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

कौन हैं सुभाष चंद्रा?

Zee Group Founder FIR: सुभाष चंद्रा भारत के जाने-माने कारोबारी हैं। उन्होंने टेलीविजन, पैकेजिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डायरेक्ट-टू-होम टेलीविजन समेत कई क्षेत्रों में कारोबार खड़ा किया। वह भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। वह जी मीडिया और एस्सेल ग्रुप से जुड़े प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल रहे हैं।

 

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