उमरिया। Nishaanebaz.com-Bandhavgarh Tiger Reserve Tigress Dotty Death: मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद दुखद और निराशाजनक खबर सामने आई है। पार्क और सैलानियों के बीच खासी लोकप्रिय रही मशहूर बाघिन ‘डॉटी’ अब इस दुनिया में नहीं रही। करीब 15 वर्ष की आयु में बाघिन ने अंतिम सांस ली है। डॉटी की मौत की खबर मिलते ही पूरे वन महकमे और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले मानपुर बफर जोन के मझखेता बीट में बाघिन डॉटी का शव देखा गया था, जिसके बाद वन विभाग और पार्क प्रबंधन में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम को तैनात किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित एसओपी (SOP) के तहत आज पशु चिकित्सकों के दल द्वारा बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नम आंखों से मृत बाघिन को गार्ड ऑफ ऑनर और श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पूरी गरिमा के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने प्राथमिक तौर पर बाघिन की मौत का कारण प्राकृतिक बुढ़ापा और स्वाभाविक मौत बताया है। खास बात यह है कि मृत बाघिन डॉटी, बांधवगढ़ के इतिहास में खासे मशहूर और अनोखे ‘नीली आँखों वाले ब्लू आई’ बाघ की संतान थी। अपनी अठखेलियों और अनूठी खूबसूरती के कारण डॉटी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के बीच खासी आकर्षण का केंद्र रहती थी।
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बांधवगढ़ में एक के बाद एक कई प्रमुख बाघों और बाघिनों के जाने से वन्यजीव संरक्षण के गलियारों में मायूसी छाई हुई है। बहरहाल, वन विभाग की टीम ने एहतियात के तौर पर आसपास के पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा पुख्ता बनी रहे। सैलानियों की चहेती डॉटी के जाने से पार्क के इतिहास का एक सुनहरा पन्ना हमेशा के लिए बंद हो गया है।


