Rewa Gandhi Memorial Hospital Controversy: रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप

VIKASH KHALKHO

रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Gandhi Memorial Hospital Controversy: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और डॉक्टरों की लापरवाही को बेनकाब करने वाली एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर के बहुचर्चित शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल (Gandhi Memorial Hospital) में प्रसूता की मौत का एक और मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले सामने आए चर्चित कल्पना मिश्रा की मौत के मामले की गूंज अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि उसी अस्पताल में एक अन्य महिला की मौत ने पूरे चिकित्सा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Read More : Drishyam 3 The Conclusion Box Office: अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, 9 दिनों में किया 286.50 करोड़ का बंपर कलेक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीवा जिले के गढ़ क्षेत्र की रहने वाली रसना रजक को डिलीवरी (प्रसव) के लिए शुक्रवार को शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन इसके तुरंत बाद डॉक्टरों ने परिजनों को सूचित किया कि प्रसूता की बच्चेदानी (यूटरस) में कुछ समस्या है, जिसे निकालना जरूरी है। डॉक्टरों की सलाह पर बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन किया गया, जिसके कुछ ही देर बाद प्रसूता की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई।

Read More : CG Constable Suicide: पुलिस महकमे में हड़कंप! आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

परिजनों का फूटा गुस्सा, अस्पताल प्रबंधन नदारद

अचानक हुई इस अनहोनी के बाद मृतका के परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था और उसकी स्थिति सामान्य थी, तो आखिर किस परिस्थिति में बच्चेदानी निकालने का निर्णय लिया गया और ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति क्यों बिगड़ गई?

जब इस संवेदनशील मामले में अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो अस्पताल परिसर में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आया। इतना ही नहीं, सीएमओ (CMO) कक्ष में भी ताला लटका हुआ मिला, जिससे अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता साफ तौर पर उजागर होती है। परिजनों ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराकर लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
2 Comments