SBI Fraud Case Consumer Court Verdict: फर्जी KYC लिंक धोखाधड़ी मामले में SBI को झटका, ग्राहक को 1.35 लाख रुपये लौटाने का आदेश

VIKASH KHALKHO

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-SBI Fraud Case Consumer Court Verdict: डिजिटल बैंकिंग के दौर में केवाईसी (KYC) अपडेट करने के नाम पर आने वाले फर्जी मैसेज और लिंक ग्राहकों की जमा-पूंजी पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि, केरल से सामने आए एक अहम मामले में उपभोक्ता आयोग ने ग्राहकों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। फर्जी लिंक के जरिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक ग्राहक के खाते से लाखों रुपये उड़ाए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पथनमथिट्टा ने एसबीआई को लापरवाही का दोषी मानते हुए शेष रकम लौटाने और मुआवजा देने का सख्त निर्देश दिया है।

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जानिए क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2023 का है, जब केरल के एक दंपति का एसबीआई में बचत खाता था और पति ने 3 महीने के लिए 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई थी। 7 जनवरी 2023 को जब पीड़ित ने योनो (YONO) या बैंक ऐप के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने की कोशिश की, तो भुगतान विफल हो गया। इसके तुरंत बाद उन्हें खाता ब्लॉक होने और केवाईसी अपडेट करने का एक मैसेज मिला। पीड़ित द्वारा मैसेज में दिए गए लिंक पर जानकारी भरते ही उनकी एफडी से चार अलग-अलग लेनदेन के जरिए 3.28 लाख रुपये काट लिए गए।

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आंतरिक लोकपाल के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

अनधिकृत निकासी की सूचना तुरंत बैंक को दी गई थी, जिसके बाद बैंक के आंतरिक बैंकिंग लोकपाल के हस्तक्षेप से पीड़ित दंपति को लगभग 2.24 लाख रुपये वापस मिल गए। हालांकि, 99,874 रुपये की शेष राशि बैंक ने नहीं लौटाई। इसके खिलाफ दंपति ने पथनमथिट्टा के जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। बैंक ने तर्क दिया कि ग्राहक ने फर्जी लिंक पर अपनी गोपनीय जानकारी और ओटीपी साझा किया था, जिससे यह धोखाधड़ी हुई। लेकिन आयोग ने पाया कि बैंक अपने इस दावे के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा और केवल ग्राहक पर आरोप लगाकर अपनी सुरक्षात्मक जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता।

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45 दिनों के भीतर करना होगा भुगतान

उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई को 99,874 रुपये की शेष राशि 45 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पीड़ित दंपति को हुई मानसिक परेशानी के लिए 25 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी लड़ाई के खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार बैंक को कुल मिलाकर लगभग 1.35 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह:

साइबर विशेषज्ञों और बैंकिंग आयोग के अनुसार, कभी भी अनजान या संदिग्ध मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी मैसेज या कॉल के जरिए ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता। यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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