Sunday, August 16, 2026
Home Madhya Pradesh Bhopal electricity rates : बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव पर गहराया असंतोष:...

electricity rates : बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव पर गहराया असंतोष: याचिका सार्वजनिक न करने पर उठे पारदर्शिता के सवाल

electricity rates : भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) के समक्ष बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए दायर याचिका पर उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। 1 दिसंबर को इस याचिका पर सुनवाई हो चुकी है, लेकिन अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

electricity rates : याचिका सार्वजनिक न करने पर आपत्ति

नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन के माध्यम से आयोग और ऊर्जा मंत्री पी.एस. तोमर को एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें दो प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी याचिका को अब तक सार्वजनिक न करना पारदर्शिता के सिद्धांतों का उल्लंघन है और इससे आम जनता को अंधेरे में रखा जा रहा है।

electricity rates : लागत घटने के बावजूद बढ़ोतरी का प्रस्ताव क्यों?

ज्ञापन में दूसरा और महत्वपूर्ण बिंदु यह उठाया गया है कि केंद्र सरकार ने 22 सितंबर को जीएसटी 200 रुपये और कोयले पर 400 रुपये प्रति टन कंपेंसेशन सेस हटाने की घोषणा की थी। इस घोषणा से बिजली उत्पादन की लागत में सीधे तौर पर कमी आई है।

उपभोक्ताओं का तर्क है कि जब इन बड़े शुल्कों को हटा दिया गया है, जिससे उत्पादन लागत कम हुई है, तो ऐसे में बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत है।

electricity rates : ऊर्जा मंत्री के आश्वासन का उल्लंघन

ज्ञापन में ऊर्जा मंत्री पी.एस. तोमर के पूर्व के आश्वासनों का भी उल्लेख किया गया है। मंत्री ने स्वयं मीडिया के समक्ष यह भरोसा दिलाया था कि सेस हटने का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा और बिजली सस्ती होगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि दरें बढ़ाने का मौजूदा प्रस्ताव मंत्री की सार्वजनिक घोषणा के बिल्कुल विपरीत है।

electricity rates :

“बिजली दरों में बढ़ोतरी की याचिका को सार्वजनिक न करना एक गंभीर मुद्दा है। जब केंद्र सरकार ने जीएसटी और कोयला सेस हटा दिया है, जिससे लागत कम हुई है, तब भी दरें बढ़ाना उपभोक्ता विरोधी है। हम मांग करते हैं कि सरकार विद्युत अधिनियम की धारा 108 का उपयोग कर आयोग को दरों में वृद्धि न करने और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने का निर्देश दे।”— रजत भार्गव, सदस्य, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच

नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वह विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत आयोग को निर्देशित करे कि बिजली दरों में बढ़ोतरी न की जाए, बल्कि उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। इस मुद्दे पर आम जनता में रोष है और जनप्रतिनिधियों पर पारदर्शिता और राहत देने के लिए दबाव बढ़ रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here