Electricity Rate : रायपुर। 2025-26 की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ की जनता को बिजली बिल के रूप में करंट का झटका लगा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए बिजली दरों में औसतन 1.89% की वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
किसे कितनी बढ़ोतरी मिली
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घरेलू उपभोक्ताओं को अब 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट अधिक चुकाने होंगे।
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वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं (दुकानें, कार्यालय, व्यवसायिक प्रतिष्ठान) के लिए 25 पैसे प्रति यूनिट का सीधा इजाफा किया गया है।
बिजली की दरों में यह बढ़ोतरी 1 अगस्त 2025 से लागू मानी जा रही है।
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Electricity Rate क्यों बढ़े बिजली के दाम?
CSPDCL ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें 2025-26 में बिजली आपूर्ति के लिए लगभग 23,450 करोड़ रुपये के राजस्व की आवश्यकता है।
जबकि मौजूदा दरों से करीब 24,654 करोड़ रुपए का अनुमानित राजस्व मिलने की उम्मीद है।
इस लिहाज से कंपनी को करीब 1204 करोड़ का सरप्लस दिख रहा है।
तो फिर बढ़ोतरी क्यों?
असल में, कंपनी ने दलील दी कि पिछले सालों का लगभग 6150 करोड़ रुपये का घाटा अब भी अधूरा है।
इस घाटे की भरपाई के लिए वर्तमान में मामूली दरों की वृद्धि आवश्यक है, ताकि दीर्घकालिक वित्तीय संतुलन बना रहे।
पहली बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़े बिजली के दाम
राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब बिजली की दरों में इजाफा हुआ है।
इससे पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो बार दरें बढ़ाई गई थीं:
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वित्त वर्ष 2022-23 में – 2.50%
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वित्त वर्ष 2024-25 में – 4.88%
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कुल बढ़ोतरी – 7.38%
अब भाजपा के शासन में औसतन 1.89% की वृद्धि हुई है।
विपक्ष का हमला – ‘महंगाई राज में नया बिजली शॉक’
बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा ने चुनाव से पहले सस्ती बिजली का वादा किया था, लेकिन अब जनता पर भार डाला जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसा:
“जनता को मुफ्त बिजली के वादे दिखाए गए थे, अब बिल के ज़रिए झटका दिया जा रहा है।”
CSPDCL ने साफ कहा है कि वर्तमान टैरिफ से भविष्य में घाटा और बढ़ेगा अगर मामूली सुधार नहीं किए गए। उनका कहना है कि बिजली की मांग बढ़ रही है, सप्लाई बनाए रखने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च भी बढ़ रहा है। इसलिए युक्तिसंगत बढ़ोतरी आवश्यक है।
जनता की प्रतिक्रिया – “बिजली नहीं, भरोसा गया ट्रिप”
बिजली दरों में मामूली दिखने वाली यह बढ़ोतरी छोटे व्यापारियों, मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए सीधा असर डाल सकती है।
रायपुर के एक उपभोक्ता का कहना है:
“सरकार चुनाव के पहले तो बोलती है कि 200 यूनिट फ्री देंगे, अब देखिए हर यूनिट महंगी हो गई। ये कैसा वादा?”
एक व्यवसायी बोले:
“बिजली के दाम बढ़े, तो दुकानों का खर्चा बढ़ेगा… ग्राहकों पर महंगाई और बढ़ेगी।”
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