नई दिल्ली [Nishanebaaz News]Lok Sabha Report On Government School Closure। देश में सरकारी प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को लेकर संसद में पेश किए गए नवीनतम आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) के आंकड़ों के मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से 2025-26 के बीच देशभर में सरकारी प्राथमिक स्तर के स्कूलों की संख्या में 9,866 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। एक ही वर्ष के भीतर यह संख्या 8,89,806 से घटकर 8,79,940 पर आ गई है, जो कुल प्राथमिक स्कूलों का लगभग 1.1 प्रतिशत है।
यह जानकारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के वरिष्ठ सांसद टी.आर. बालू द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सामने आई। हालांकि, शिक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कितने स्कूल छात्रों की कम संख्या (Low Enrollment) या अन्य कारणों से स्थाई रूप से बंद हुए हैं अथवा इनका किसी अन्य स्कूल में विलय (Merger) किया गया है।
राज्यों का हाल: मेघालय में बंद हुए सबसे ज्यादा स्कूल
सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या में आई इस कमी में पूर्वोत्तर राज्य मेघालय सबसे शीर्ष पर रहा है।
स्कूलों की संख्या घटने वाले मुख्य राज्य:
- मेघालय: 7,633 से घटकर 5,459 रह गए (2,174 स्कूल कम हुए)
- तेलंगाना: 22,983 से घटकर 21,022 रह गए (1,961 स्कूल कम हुए)
- आंध्र प्रदेश: 37,449 से घटकर 36,003 रह गए (1,446 स्कूल कम हुए)
- मध्य प्रदेश: 1,043 प्राथमिक स्कूल कम हुए
- कर्नाटक: 615 स्कूल कम हुए
- पश्चिम बंगाल: 587 स्कूल कम हुए
- राजस्थान: 473 स्कूल कम हुए
- महाराष्ट्र: 357 स्कूल कम हुए
- उत्तर प्रदेश: देश के सबसे बड़े नेटवर्क वाले राज्य यूपी में संख्या 1,34,115 से घटकर 1,33,948 रह गई।
बिहार और छत्तीसगढ़ में दर्ज हुई बढ़त
जहां देश के अधिकांश बड़े राज्यों में सरकारी प्राथमिक स्कूलों का दायरा सिमटा है, वहीं कुछ राज्यों में सकारात्मक सुधार भी देखने को मिला है। बिहार में सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या 66,803 से बढ़कर 66,915 हो गई (112 नए स्कूल जुड़े)। वहीं छत्तीसगढ़ में भी प्राथमिक स्कूलों की संख्या 43,836 से बढ़कर 43,853 दर्ज की गई। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूलों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

