गुरुग्राम/दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम और दिल्ली में अवैध कॉल सेंटर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। 20 अगस्त को ईडी की गुरुग्राम टीम ने दिल्ली-एनसीआर में 7 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मनी लॉन्ड्रिंग केस में की गई।
ईडी की जांच सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आरोप था कि कुछ लोग अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे और अमेरिकी नागरिकों को टेक फ्रॉड का शिकार बना रहे थे। यह नेटवर्क नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 तक सक्रिय रहा।
जांच में सामने आया कि आरोपियों अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा ने गुरुग्राम और नोएडा से कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर लूटा। उन्होंने पीड़ितों के बैंक अकाउंट्स में अनधिकृत पहुंच बनाई और करोड़ों की रकम विदेशी खातों में भेज दी। बाद में यह पैसा जटिल बैंकिंग नेटवर्क के जरिए भारत लाकर लक्ज़री लाइफस्टाइल पर खर्च किया गया।
करीब दो साल में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 125 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ईडी ने कार्रवाई के दौरान 30 बैंक खाते फ्रीज किए, 8 लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त कीं। इसके अलावा 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी भी अवैध कमाई से खरीदी गई थी।
फिलहाल ईडी मामले की आगे जांच कर रही है और इस साइबर फ्रॉड के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।









