Drinking water line : बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी शहर में सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य ने भारी पेयजल संकट खड़ा कर दिया है। शहर के झंडा चौक क्षेत्र में पाँच दिन पहले सीवरेज लाइन डालते समय पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन टूट गई थी, लेकिन लापरवाही के कारण अब तक इसकी मरम्मत नहीं की जा सकी है। इसके चलते तुलसीदास मार्ग, निमपुरा, रानीपुरा, महालक्ष्मी मंदिर और राजेंद्र मार्ग सहित सैकड़ों घरों में रविवार को लगातार पांचवें दिन भी नल सूखे रहे, जिससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
Drinking water line इस गंभीर पेयजल संकट से आक्रोशित होकर, रविवार को नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय रहवासियों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों को पीने और दैनिक कार्यों के लिए पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है और कई परिवारों को निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। यह स्थिति सीवरेज निर्माण कंपनी और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
Drinking water line विरोध प्रदर्शन के दौरान, सबसे गंभीर मुद्दा टूटी हुई पाइपलाइन से हो रहे दूषित पानी के रिसाव का सामने आया। पाइपलाइन टूटने के कारण बने गड्ढे में पानी जमा हो गया है, जिसमें ड्रेनेज का गंदा पानी भी मिल रहा है। रहवासियों ने आशंका जताई है कि यदि यह दूषित पानी घरों तक पहुंचा तो यह गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। रहवासियों ने सीधे तौर पर सीवरेज कंपनी पर नगर पालिका से समन्वय किए बिना जल्दबाजी में सड़क खोदने और अब पाइपलाइन जोड़ने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
Drinking water line नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने आरोप लगाया कि सीवरेज कार्य को लेकर पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किए गए हैं, लेकिन कंपनी और नगर पालिका दोनों ही इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य की जानकारी वार्ड के पार्षदों को भी नहीं दी गई है। पेयजल लाइन के साथ-साथ बीएसएनएल की केबलें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। आक्रोशित जाधव ने हाथ में ईंट उठाकर विरोध जताया और तुरंत काम बंद करवा दिया, जिसके बाद कंपनी के जिम्मेदारों को मौके पर बुलाया गया।
Drinking water line लगभग आधे घंटे तक चले इस हंगामे के बाद, नपा नेता प्रतिपक्ष ने कंपनी को तीन घंटे के भीतर टूटी पाइपलाइन जोड़ने का अल्टीमेटम दिया। मौके पर मौजूद सीवरेज निर्माण कंपनी के मैनेजर दीपेंद्र सिंह ने हस्तक्षेप किया और दोपहर तक पाइपलाइन जोड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही विरोध प्रदर्शन शांत हुआ और काम शुरू हो सका। इस पूरे घटनाक्रम ने बड़वानी नगर पालिका क्षेत्र में जारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













