Dhanteras 2026: दिवाली की तैयारियों के बीच धनतेरस का त्योहार खरीदारी के लिहाज से बेहद खास होता है। इस दिन बाजारों में सोना-चांदी, बर्तन और घर के लिए नई चीजें खरीदने की खूब रौनक रहती है। मान्यता है कि धनतेरस पर नई चीजें घर लाने से सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ सामान ऐसे भी हैं, जिन्हें इस दिन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है?
लोहे का सामान खरीदने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन लोहे से बनी चीजें खरीदना अच्छा नहीं माना जाता। माना जाता है कि लोहे का संबंध शनि देव से है और इस दिन इसे घर लाने से बचना चाहिए।
चाकू-कैंची जैसी धारदार चीजें
धनतेरस पर चाकू, कैंची और ब्लेड जैसी नुकीली या धारदार चीजें खरीदने से भी कई लोग परहेज करते हैं। मान्यता है कि ऐसी चीजें घर में तनाव और आपसी विवाद का संकेत मानी जाती हैं। इसलिए त्योहार के दिन इनकी खरीदारी टालने की सलाह दी जाती है।
खाली बर्तन घर न लाएं
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इन्हें खाली घर लाने की मनाही से जुड़ी एक परंपरा भी है। इसके मुताबिक, नए बर्तन में पानी, चावल या मिठाई रखकर ही घर के अंदर लाना चाहिए। ऐसा करना बरकत और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
काले रंग की चीजें न खरीदें
कुछ धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस पर काले रंग का सामान खरीदना शुभ नहीं माना जाता। इसके पीछे वजह यह है कि काले रंग को कई परंपराओं में अशुभता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इस मामले में हर जगह एक जैसी मान्यता नहीं है।
उधार लेकर न करें खरीदारी
धनतेरस पर अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च करने या कर्ज लेकर खरीदारी करने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन उधार लेकर सामान खरीदना अच्छा नहीं होता। इसलिए त्योहार की खुशी में अपने बजट को बिगाड़ने के बजाय जरूरत के हिसाब से खरीदारी करना बेहतर है।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना, चांदी, तांबे और पीतल के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झाड़ू और धनिया के बीज खरीदने की भी परंपरा है। इन चीजों को घर में सुख-समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है।
ध्यान रखें कि ये सभी बातें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और बजट को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।