कवर्धा। Kawardha Illegal Rice Seizure: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में आगामी धान खरीदी व्यवस्था के सुचारु संचालन और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत से ठीक पहले अवैध धान के भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के सख्त निर्देशों के अनुपालन में खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (CCB) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम ने पंडरिया क्षेत्र में औचक छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके तहत एक ही दिन में अवैध धान भंडारण के दो बड़े प्रकरण दर्ज किए गए।
खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन के नेतृत्व में गठित संयुक्त जांच टीम ने पंडरिया के स्थानीय व्यापारी वासु ठाकुर के व्यावसायिक ठिकाने और गोदाम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित धान पाया गया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने 50 बोरी अवैध धान को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। इसके साथ ही, टीम ने इसी इलाके के दूसरे व्यापारी सुशील गुप्ता के प्रतिष्ठान पर भी दबिश दी, जहां लगभग 15 क्विंटल अवैध धान का भंडारण पकड़ा गया। प्रशासन ने दोनों व्यापारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम और संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आगामी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से धान का स्टॉक करने वाले बिचौलियों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया की शुचिता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निरंतर संयुक्त निगरानी बनाए रखें और ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी सीमाओं तक अवैध धान के भंडारण पर पैनी नजर रखें। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, किसानों के हक का धान बिचौलियों के हाथ न जाए और व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे, इसके लिए आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और अधिक तीव्रता से निरंतर जारी रहेगा।