Digital Arrest Fraud : भोपाल। राजधानी पुलिस की सतर्कता से एक बड़े साइबर फ्रॉड की साजिश नाकाम कर दी गई। कोहेफिजा थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एडवोकेट शमसुल हसन तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट का शिकार रहे।
Digital Arrest Fraud : जानकारी के अनुसार, एडवोकेट शमसुल हसन को एक कॉल आया, जिसमें खुद को लखनऊ एटीएस का अधिकारी बताते हुए कॉलर ने उन्हें पहलगाम मामले में दोषी बताया और परिवार को डरा-धमकाकर पैसे की मांग की।
Digital Arrest Fraud : परिवार ने घबराने के बजाय तुरंत थाना कोहेफिजा में सूचना दी। सूचना मिलते ही टीआई के. जी. शुक्ला दल-बल के साथ 165-ए हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा पहुंचे और परिवार को सुरक्षा प्रदान की। पुलिस ने स्थिति को चार घंटे के भीतर कंट्रोल कर लिया।
Digital Arrest Fraud : पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस उस अज्ञात कॉलर की तलाश में जुटी है, जिसने एडवोकेट और उनके परिवार को धमकी दी थी। डिजिटल अरेस्ट के इस मामले ने भोपाल में साइबर सुरक्षा को लेकर फिर से बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।











