अंकलेश्वर [Nishanebaaz News]Dhirendra-Shastri-Opposes-VIP-Culture-In-Temples। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध नागचंद्रेश्वर मंदिर और बिहार के लखीसराय मंदिर में हाल ही में घटे दुखद हादसों पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दोनों घटनाओं को अत्यंत हृदयविदारक करार देते हुए उन्होंने कहा कि पावन धार्मिक स्थलों पर होने वाली ऐसी अप्रिय घटनाएं न केवल श्रद्धालुओं बल्कि पूरे समाज को अंदर तक झकझोर कर रख देती हैं।
गुजरात के अंकलेश्वर की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस दौरान देश भर के प्रमुख तीर्थों और धार्मिक स्थलों पर लागू ‘वीआईपी दर्शन’ (VIP Entry) व्यवस्था पर खुलकर अपनी नाराजगी जताई और इसे तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की पैरवी की।
“ईश्वर के दरबार में सब बराबर हैं, वीआईपी दर्शन बंद हों!” उज्जैन-लखीसराय हादसों पर दुखी धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिरों में एक समान कतार मांगी।
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‘ईश्वर के दरबार में सब समान, बंद हो वीआईपी दर्शन’ अंकलेश्वर में संवाददाताओं और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भगवान के दरबार में अमीर-गरीब का भेद नहीं होता, वहां सभी भक्त एक समान होते हैं। इसलिए बड़े-बड़े धार्मिक स्थलों पर वीआईपी एंट्री और विशेष दर्शन की परंपरा को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वीआईपी व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में व्यवस्था बिगड़ने से भगदड़ जैसी जानलेवा स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।
सुरक्षा और पारदर्शी कतार प्रणाली पर जोर बागेश्वर धाम सरकार ने देश के विभिन्न मंदिर प्रशासनों तथा राज्य सरकारों से पुरजोर अपील की कि वे बड़े धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता, पारदर्शी और आधुनिक तकनीक पर आधारित सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से अपार श्रद्धा के साथ आने वाले आम भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सबसे ऊपर होनी चाहिए। यदि सभी वर्गों के लिए एक समान, निष्पक्ष और व्यवस्थित कतार प्रणाली लागू कर दी जाए, तो इस तरह के दर्दनाक हादसों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है।





