LPG Gas Cylinder: नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम में घरों में खाना बनाने का काम बढ़ जाता है। ऐसे में अचानक LPG सिलेंडर खत्म हो जाए तो परेशानी हो सकती है। अक्सर लोगों को गैस खत्म होने का पता तब चलता है, जब चूल्हे की लौ धीमी पड़ने लगती है। हालांकि, कुछ आसान तरीकों से पहले ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है।
1. पानी से करें गैस का अंदाजा
सबसे आसान तरीका पानी का है। एक गिलास या मग में पानी लेकर सिलेंडर के ऊपर से नीचे की तरफ धीरे-धीरे डालें। कुछ देर बाद सिलेंडर की सतह को हाथ से छूकर देखें।
जहां तक सिलेंडर ठंडा महसूस हो, वहां तक LPG होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके नीचे का हिस्सा सामान्य तापमान का महसूस हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सिलेंडर के अंदर मौजूद तरल LPG गर्मी को सोखती है।
यह तरीका सिर्फ अनुमान देता है, इसलिए इसे गैस की सटीक मात्रा मापने का तरीका नहीं माना जाना चाहिए।
2. वजन करके पता करें गैस कितनी बची है
सिलेंडर में बची LPG का अपेक्षाकृत बेहतर अंदाजा वजन से लगाया जा सकता है। हर सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी Tare Weight लिखा होता है।
सिलेंडर को वजन मशीन पर रखें और कुल वजन नोट करें। इसके बाद कुल वजन में से Tare Weight घटा दें। बचा हुआ वजन सिलेंडर में मौजूद LPG की लगभग मात्रा बताएगा।
उदाहरण के लिए, अगर सिलेंडर का कुल वजन 28.5 किलो है और उसका खाली वजन 15.5 किलो है, तो करीब 13 किलो LPG बची हो सकती है।
3. चूल्हे की लौ से भी मिल सकता है संकेत
LPG कम होने पर कई बार चूल्हे की लौ कमजोर पड़ सकती है और खाना पकने में पहले से ज्यादा समय लग सकता है। यह गैस कम होने का संकेत हो सकता है।
हालांकि, केवल लौ देखकर गैस की मात्रा का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। बर्नर में गंदगी या किसी तकनीकी समस्या के कारण भी लौ कमजोर हो सकती है। इसलिए ऐसे संकेत मिलने पर वजन या दूसरे तरीके से भी जांच करना बेहतर है।
त्योहारों में पहले ही कर लें जांच
LPG Gas Cylinder: त्योहारों के दौरान रसोई में काम बढ़ जाता है। इसलिए सिलेंडर पूरी तरह खत्म होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही उसमें बची LPG का अंदाजा लगा लेना बेहतर है। इससे खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म होने की परेशानी से बचा जा सकता है।






