मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में किया जा रहा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा और इस दौरान कई शर्तों का उल्लंघन हुआ। कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने पूरे शहर को ठप कर दिया और दक्षिण मुंबई के अहम इलाकों को घेर लिया।
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दरअसल, पिछले हफ्ते आजाद मैदान में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल थे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थान का अनंत समय तक उपयोग प्रदर्शन के लिए नहीं किया जा सकता और इसके लिए पहले अनुमति जरूरी है।
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से सुझाव दिया कि जरांगे और उनके समर्थकों को नवी मुंबई में प्रदर्शन की जगह उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि, अदालत ने प्रदर्शन के पहले दिन की इजाजत दी थी और बाद में इसे एक दिन के लिए बढ़ा भी दिया था।
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गौरतलब है कि मनोज जरांगे 29 अगस्त से OBC कोटे में 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे। अदालत में इस मामले पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।











