[Nishaanebaz News] Datia Cremation Ground: दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले की ग्राम पंचायत सिजोरा में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था ने सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद श्मशान परिसर में चारों तरफ पानी, कीचड़ और गड्ढे नजर आ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हो रही है। यहां तक कि अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी-कंडे लेकर पहुंचा ट्रैक्टर भी कीचड़ में फंस गया।
श्मशान घाट तक पहुंचना भी बना मुश्किल
ग्राम पंचायत सिजोरा के श्मशान घाट में जलभराव और कीचड़ के कारण रास्ते की हालत बेहद खराब हो गई है। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को शव के साथ श्मशान तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ होने के कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में श्मशान घाट की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। जरूरी सुविधाओं के अभाव में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिवारों को पहले ही दुख की घड़ी में अतिरिक्त परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
लकड़ी-कंडे लेकर पहुंचा ट्रैक्टर कीचड़ में फंसा
Datia Cremation Ground: बदहाल व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और कंडे लेकर पहुंचा ट्रैक्टर श्मशान परिसर के अंदर कीचड़ में फंस गया। काफी प्रयास के बाद भी जब ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ सका तो लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।ऐसे हालात में लोगों को दूर से पैदल ही लकड़ी-कंडे उठाकर श्मशान स्थल तक ले जाने की स्थिति बन गई।
भाजपा नेता के पिता के अंतिम संस्कार में भी सामने आई समस्या
ग्राम पंचायत सिजोरा के श्मशान घाट की यह बदहाल तस्वीर भाजपा नेता पवन रजक के पिता के अंतिम संस्कार के दौरान भी सामने आई। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा।घटना के बाद ग्रामीणों में श्मशान घाट की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी मूलभूत सुविधा वाले स्थान पर भी यदि बारिश के दौरान इस तरह के हालात बन रहे हैं, तो यह जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों ने तत्काल सुधार की मांग की
Datia Cremation Ground: ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट परिसर की स्थिति सुधारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि परिसर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था, पक्के रास्ते और जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, ताकि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान किसी परिवार को परेशानी न उठानी पड़े।ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांवों में बेहतर श्मशान घाट और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, तो सिजोरा के श्मशान घाट में बारिश के दौरान ऐसी बदहाल स्थिति क्यों बनी हुई है?अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और श्मशान घाट की समस्या का स्थायी समाधान कब होता है।





