Congress Talent Hunt Bhopal : भोपाल (24 मार्च 2026)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज से शुरू हो रहे कांग्रेस के ‘प्रवक्ता टैलेंट हंट’ ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। जहाँ कांग्रेस इसे अपने मीडिया विभाग को धारदार बनाने की कवायद बता रही है, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस के भीतर ‘कार्यकर्ताओं के अकाल’ से जोड़ दिया है। दोनों ही दलों के मीडिया प्रभारियों ने एक-दूसरे पर तीखे कटाक्ष किए हैं।
मुकेश नायक का तंज: “बीजेपी दफ्तर की शोभा बढ़ा रहे हमारे टैलेंट”
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भाजपा के प्रति ‘उदारता’ दिखाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पिछले टैलेंट हंट से निकले कई प्रवक्ता आज भाजपा दफ्तर की शोभा बढ़ा रहे हैं। नायक ने कटाक्ष करते हुए कहा:
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भाजपा में कमी: आज भाजपा के पास अपने काबिल प्रवक्ताओं की कमी है।
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मदद को तैयार: यदि भविष्य में भी भाजपा को प्रवक्ताओं की जरूरत पड़ती है, तो कांग्रेस अपने टैलेंट हंट से निकले नेता उन्हें देने के लिए सहर्ष तैयार है।
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राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार: कांग्रेस इस टैलेंट हंट के जरिए अपनी आवाज को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।
आशीष अग्रवाल का पलटवार: “परिवार हंट छोड़कर लीडरशिप हंट करे कांग्रेस”
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के इस अभियान को शुभकामनाएँ तो दीं, लेकिन साथ ही तीखे हमले भी किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता नहीं बचे हैं, इसलिए उसे ‘हंट’ (खोज) का सहारा लेना पड़ रहा है। अग्रवाल ने सुझाव दिया:
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राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल: कांग्रेस को प्रवक्ता खोजने के बजाय अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए टैलेंट हंट करना चाहिए, जो भ्रष्टाचार में डूबा है और सैकड़ों चुनाव हार चुका है।
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परिवारवाद पर प्रहार: कांग्रेस असल में ‘टैलेंट हंट’ नहीं बल्कि ‘परिवार हंट’ करती है।
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दोहरे मापदंड: कांग्रेस के खाने के और दिखाने के दांत अलग-अलग हैं। चुनाव लड़ने और जमीन पर काम करने के उनके दावे खोखले साबित होते हैं।
क्या है कांग्रेस का टैलेंट हंट?
कांग्रेस अपने मीडिया विभाग में नए, शिक्षित और वाकपटु युवाओं को शामिल करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह अभियान चला रही है। इसके जरिए पार्टी ऐसे चेहरों की तलाश में है जो टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रख सकें।











